शिमला, जागरण संवाददाता। Himachal Regulatory Commission, निजी विश्वविद्यालयों से प्रोफेशनल डिग्री कर निकले छात्रों को रोजगार दिलाने के लिए हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग रोजगार मेलों का आयोजक करेगा। आयोग ने सभी विश्वविद्यालय से पासआउट छात्रों का रिकार्ड मांगा है। इसमें पूछा गया है कि कितने छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले वर्षों में एमबीए, बीबीए, बीसीए, बीटेक के अलावा अन्य कोर्स में डिग्री और डिप्लोमा किए हैं। कितने ऐसे छात्र हैं जिन्हें नौकरी नहीं मिली है। रिकार्ड आने के बाद आयोग निजी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगार मेलों का आयोजन करेगा। बीबीएन, ऊना और सिरमौर की कंपनियों को भी बुलाएगा। इसके अलावा देश की नामी कंपनियों को बुलाया जाएगा।

औद्योगिक एसोसिएशनों की भी मदद ली जाएगी। शिमला, मंडी और ऊना में रोजगार मेलों का आयोजन करने की तैयारी है। 17 अक्टूबर को आयोग की बैठक होगी। इसमें सभी निजी विश्वविद्यालयों से प्लेसमेंट समन्वयकों को बुलाया गया है। आयोग ने रोजगार मेलों के लिए 21 से 23 अक्टूबर तक की तिथि तय की है। पिछले महीने शिमला में आयोजित कार्यशाला में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी।

अच्छा पैकेज मिलेगा तो दाखिले भी बढ़ेंगे

आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अतुल कौशिक ने कहा कि हिमाचल को उच्च शिक्षा का हब बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। सभी निजी विवि में प्लेसमेंट सेल बनाए गए हैं। विद्यार्थियों को जब अच्छे पैकेज पर नौकरी मिलेगी तो हिमाचल में दूसरे राज्यों से भी बच्चे पढऩे के लिए आएंगे।

अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति में बदलाव, अब सालाना मिलेंगे सात हजार रुपये

शिमला। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में बड़ा बदलाव किया है। अनुसूचित जाति के छात्रों को पढ़ाई के लिए अब तीन हजार के बजाय सात हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी। डे स्कालर और छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले को छात्रवृत्ति मिलेगी। दिव्यांग विद्यार्थियों को 10 फीसद अतिरिक्त मिलेंगे। प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में यह बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार के बदलाव को अब हिमाचल में भी लागू किया जा रहा है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। छात्रवृत्ति अब सीधे बैंक खाते में जमा होगी। इसके लिए आवेदन के दौरान ही सारी औपचारिक्ताओं को पूरा कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार 60:40 के अनुपात में योजना के तहत राज्यों को बजट जारी करती है। विशेष श्रेणी के राज्यों में शामिल होने के चलते हिमाचल को 90:10 के अनुपात में बजट प्राप्त होगा। उच्चतर शिक्षा विभाग निदेशक ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma