कुल्‍लू, दविंद्र ठाकुर। हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नकदी फसल सेब का सीजन शुरू हो चुका है जैसे-जैसे मंडियों में सेब पहुंचने लगा है वैसे ही अब कोरोबारी भी जुटने लगे हैं। कोरोना काल में बागवानों को उनके सेब का अच्छा दाम मिले, इसके लिए प्रशासन, पुलिस के साथ मिलकर एपीएमसी कार्य कर रही है। वैरायटी फ्रूट के लिए विख्यात कुल्लू घाटी में वीरवार को फल सब्जी मंडी भुंतर में गोल्डन, आना सेब वैरायटी ने दस्तक दे दी है।

हालांकि पहले दिन मात्र 15 से 20 क्रेट गोल्डन सेब के पहुंचे और आना की सात क्रेट मंडियों में पहुंची। गोल्डन सेब की डिमांड अधिक होने के चलते व्यापारी इसे हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। हालांकि पहले दिन 70 रूपये से 100 रूपये तक प्रति किलो सेब बिका। ऐसे में अब लगातार दाम में तेजी आने की संभावना दिख रही है। हालांकि अभी लोअर बेल्ट का सेब ने दस्तक दे दी है। ऐसे में अब अरली वैरायटी का सेब आना भी शुरू हो गया है।

हालांकि जिला कुल्लू में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में उंचाई वाले क्षेत्र से रायल सहित अन्य वैरायटी सेब पहुंचना शुरू होता है। इतना ही नहीं सेब सीजन के दस्तक देने से पहले यहां प्लम व अन्य फलो की खरीद-फरोख्त हो रही है। एसडीएम कुल्लू डा. अमित गुलेरिया ने बताया कि इसके लिए योजना तैयार की गई है। इसमें बाहर से आने वाले व्यपारी और मजदूरों के टेस्ट करवाए जाएंगे ताकि कोविड के मामलों में बढ़ोतरी न हो।

बाहरी राज्यों से पहुंचे 350 व्यापारी

सेब सीजन को लेकर बाहरी राज्यों से कुल्लू जिला में अभी तक करीब 350 से अधिक व्यापारी, मजदूर व लदानी यहां पर पहुंच चुके हैं। अभी लगातार आने का क्रम जारी है। अन्य राज्यों से धीरे-धीरे कारोबारी मंडियों में पहुंच रहे हैं। कारोबारी साथ में मजदूर भी ला रहे हैं। यहां पर सभी के कोरोना टेस्ट करवाएं जाएंगे ताकि कोरोना के मामला न बढ़ सके।

एपीएमसी कुल्लू लाहुल के सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि कुल्लू जिला के भुंतर मंडी में पिछले कर और आज गोल्डन और आना सेब पहुंचा है। अाज यहां पर 70 रूपये से लेकर 100 रूपये प्रति किलो तक बिका है। एपीएमसी की ओर से सभी तरह की तैयारियों सीजन को लेकर पूरी कर ली है। प्रशासन के साथ मिलकर बागवानों, आढ़ती, लदानी के लिए उचित प्रावधान किए गए हैं।

उपायुक्‍त कुल्‍लू  डॉ. ऋचा वर्मा ने बताया कि इस सीजन को लेकर प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां शुरू कर दी है। सभी सब्जी मंडियों में सेब सीजन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से बागवानों को कोई समस्या न आए, इसके लिए सभी प्रबंध किए हैं। व्यापारियों की भी पूरी जानकारी ली जा रही है।

 

Edited By: Richa Rana