राजगढ़,पवन तोमर। राजगढ़ उपमंडल में हाल ही में हुई बारिश के चलते राजगढ़ क्षेत्र में किसान मक्की की बिजाई की तैयारियों में जुट गए हैं। कृषि विभाग राजगढ़ द्वारा किसानों को मक्की की कंचन किस्म का एक सौ क्विंटल बीज उपलब्ध करवा दिया गया है। जबकि बीते वर्ष किसानों की मांग पर विभाग द्वारा 140 क्विंटल बीज उपलब्ध करवाया गया था । जानकारी के अनुसार किसानों का रूझान नकदी फसलों की ओर बढ़ा है। जिससे पारंपरिक फसलें के उत्पादन में कमी आई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार राजगढ़ ब्लाक में करीब 2600 हैक्टेयर भूमि पर मक्की की खेती की जाती है। जिसमें औसतन छह हजार मिट्रिक टन उत्पादन होता है। बता दें कि राजगढ़ में सब्जियों, फलों के उत्पादन के साथ साथ पारंपरिक फसलों का भी उत्पादन होता है।

हर वर्ष मक्की का बीज कृषि विभाग द्वारा उपदान पर उपलब्ध करवाया जाता है। गौर रहे कि अतीत में इस क्षेत्र किसान केवल पारंपरिक फसलों, मक्की, धान, दलहन इत्यादि का उत्पादन करते थे, जिसका उपयोग घर में वर्ष भर होता है। प्रगतिशील किसान सूरत सिंह, प्रीतम सिंह, मनीष कुमार के अनुसार पारंपरिक फसलों का अपना ही महत्व है। परंतु सोलन जिला के टमाटर और शिमला मिर्च ने राजगढ़ क्षेत्र के किसानों की तकदीर ही बदल दी है। इनका कहना है कि सोलन के बाद राजगढ़ क्षेत्र में नकदी फसलों का सर्वाधिक उत्पादन होता है जिसमें किसानों द्वारा मटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च, टमाटर, फ्रांसबीन इत्यादि फसलों का उत्पादन किया जाता है जोकि किसानों की आय का प्रमुख साधन है ।

कृषि विभाग राजगढ़ के कृषि प्रसार अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि राजगढ़ ब्लाक में प्रथम चरण में मक्की की कंचन किस्म का एक सौ क्विंटल बीज अनुदान पर 60 रूपये प्रतिकिलोग्राम उपलब्ध करवाया गया है । जबकि इस बीज की खुले बाजार में कीमत एक सौ रुपये प्रति किलोग्राम है । इसके अलावा 50 क्विंटल चरी बीज भी अनुदान पर 35 रुपये प्रतिकिलोग्राम उपलब्ध करवाया गया। उन्होंने बताया कि विभाग के पास भिंडी, बैंगन, घीया, कददू इत्यादि सब्जी के बीज उपलब्ध है। जिसमें भिंडी का रेट 285 रुपये प्रतिकिलो, बैंगन 610 रुपये, घीया 925 रुपये और कददू 1060 रुपये प्रतिग्राम रेट सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। सब्जियों के बीज पर कोई अनुदान नहीं है । उन्होने बताया कि मक्की थ्रेशर किसानों को सबसीडि पर 6500 रूपये पर दिया जा रहा है ।

Edited By: Richa Rana