ढांगूपीर, दिनेश पंडित

डाहकुलारा बाजार में वर्षाशालिका न होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डाहकुलारा बाजार में करीब 50 से 70 दुकानें हैं। यहां प्रतिदिन दस गांवों के लोग आते हैं। लेकिन वर्षाशालिका और बस स्टैंड न होने के कारण लोगों को धूप व बारिश में सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। इससे हादसे का डर रहता है। डाहकुलारा क्षेत्र में करीब 50 से अधिक उद्योग लग रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी वर्षाशालिका व बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है।

स्थानीय निवासी मोती गुलेरिया, अजय पठानिया, सुनिल गुलेरिया, रोनाल्डो गुलेरिया, संजीव, छोटू गुलेरिया, डाक्टर सुमित गुलेरिया ने प्रशासन से समस्या हल करने की गुहार लगाई है।

-------------------

डाहकुलारा बाजार में न बस स्टैंड, वर्षाशालिका और न ही शौचालय है। इस कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को जल्द उचित कदम उठाने चाहिए।

-रछपाल सिंह चौहान, प्रधान, पंचायत घोड़न

-------------------

डाहकुलारा में सीनियर सेकेंडरी स्कूल होने के कारण कई गांवों के बच्चे यहां आते हैं। लेकिन वर्षाशालिका न होने के कारण उन्हें धूप में ही बस का इंतजार करना पड़ता है।

-जीत सिंह, लंबरदार

----------------

डाहकुलारा बाजार में सुबह और दोपहर को खास तौर पर महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार व प्रशासन को इस संबंध में उचित कदम उठाना चाहिए।

-शुभम गुलेरिया

--------------------

वर्षाशालिका न होने के कारण सबसे अधिक परेशानी मरीजों को होती है। सड़क किनारे बसों का इंतजार करने के कारण हर समय हादसे का डर सताता रहता है।

-सुनिल गुलेरिया।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021