धर्मशाला, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। मार्च 2020 में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के संबंध में शिक्षा बोर्ड ने निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि इस बार वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र शिक्षा बोर्ड की ओर से प्रकाशित पाठ्य पुस्तकों व प्रायोगिक पुस्तकों के आधार पर ही होंगे। अगर किसी भी स्कूल ने निजी प्रकाशकों की पुस्तकें अपने छात्रों को पढ़ाई तो स्कूल की संबद्धता भी रद की जा सकती है।

शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमारी सोनी ने प्रदेश के सभी निजी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि वे 25 मई से पूर्व शिक्षा बोर्ड की प्रकाशित पुस्तकें खरीद लें। बोर्ड से पुस्तकें खरीदने वाले स्कूलों को बोर्ड की ओर से एक शपथ पत्र जारी किया जाएगा। शपथ पत्र की प्रतिलिपि स्कूलों को शिक्षा अनुभाग अधिकारी, संबद्धता शाखा व शिक्षा बोर्ड कार्यालय को भेजनी होगी। बोर्ड की पुस्तकें खरीदने की अंतिम तिथि 25 मई निर्धारित है। इसके बाद बोर्ड की ओर से एक विशेष टीम निजी स्कूलों को निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान अगर किसी भी स्कूल में पाया जाता है कि वहां बच्चों को बोर्ड की नहीं, बल्कि निजी प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाई जा रहीं हैं, तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Rajesh Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप