शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को सरकारी बसों की संख्या बढ़ी, जबकि निजी बसें पहले से थोड़ी कम रही। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने 1639 रूट पर बसें चलाई। यह वीरवार की तुलना में 124 अधिक रहीं। निजी बस आपरेटर ने प्रदेशभर में करीब आठ सौ बसें चलाईं। इनमें 120 बसों की कमी आई।

शनिवार को निजी बसें आधी से भी रह जाएंगी। रविवार को तो इसमें और कमी की जाएगी। ऊना में बसें कम ही चलेंगी। कांगड़ा में एक गुट बसें न चलाने की घोषणा कर चुका है। दूसरे गुट का कहना है कि सवारियों की उपलब्धता के आधार पर बसें चलाई जाएंगी। अगर सवारियां मिलीं तभी बस चलाई जाएगी। शिमला व सोलन में भी बसें चलेंगी लेकिन कम संख्या में।

अभी सरकारी बसों में आक्युपेंसी दर 38 फीसद है। सरकार ने तय किया है कि बसों में 50 फीसद क्षमता पर ही सवारियां बैठाई जाएगी। अगर इनमें कोविड-19 के निर्देश का उल्लंघन किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निजी बस आपरेटरों का कहना है कि सवारियों की संख्या 50 फीसद रहने से उन्हें कमाई नहीं हो रही, अभी सिर्फ खर्च ही निकल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी कई बसें खड़े-खड़े खराब हो चुकी हैैं, जिनकी मरम्मत करवाने के लिए पैसे की जरूरत है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि बैैंकों से उन्हें वर्किंग कैपिटल जल्द से जल्द जारी करवाने का आदेश जारी करें। प्रदेश सरकार ने 15 जून से बसें चलाने का फैसला लिया था, लेकिन निजी बस आपरेटरों ने बसें नहीं चलाई थीं। बाद में सरकार के आश्वासन पर वे बसें चलाने के लिए तैयार हुए थे।

कितनी चली निगम की बसें

अवधि, बसें

14 जून,1226

15 जून,1528

16 जून,1611

17 जून,1515

18 जून,1639

शनिवार को आधी निजी बसें ही चलेंगी। रविवार को और कम होंगी। सोमवार से 1500 बसें सड़कों पर चलेंगी।

-रमेश कमल, महासचिव, निजी बस आपरेटर संघ।

Edited By: Vijay Bhushan