बिलासपुर, बलवंत बैंस। देहरा व सूरियां विकास खंडों की लगभग 20 से अधिक पंचायतें के लोग बेसहारा पशुओं के चलते परेशान हैं। ये बेसहारा गोवंश क्षेत्र के किसानों की फसलों को बर्वाद कर कर रहे हैं। जिसके चलते अब किसान अपनी जमीन पर फसलें बीजने में रुचि नहीं दिखा रहे। किसान अपनी जमीनों को खाली एवं बंजर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

इन विकास खंड़ों के तहत हरिपुर, भोंगता, ख़ैरियां, झकलेढ, बंगोली, भटोली फकोरियां, नंदपुर, बरयाल, भियाल, बिलासपुर, सकरी, गुलेर, गठूतर, कटोरा, स्पेल, धार, धार ढंगढ़, मसरूर, त्रिपल, लुनसु, महोवा, बासा, कलरू, तथा अन्य पंचायतों के गांवों में बेसहारा पशुओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

दिन के समय से पशु सड़कों और लोगों के घरों में घूमते रहते हैं, जबकि शाम होते ही खेतों में फसल बर्वाद करने घुस जाते हैं। कई गांवों के लोगों को रात को ठिकरी पहरा देकर फसलों को बचाना पड़ रहा है, लेकिन अब ऐसे किसान भी रात रात भर जागकर परेशान हो चुके हैं। अपने खेत खाली छोड़ने के कारण किसानों को अपने पशुओं का चारा पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है।

किसानों में कृष्ण कुमार शर्मा, राम लाल, अजय कुमार, विशन दास ने बताया कि गांव में आए आवारा पशुओं की संख्या कम होने की बजाए लगातार बढ़ रही हैं जिससे कि किसान अच्छे खासे परेशान हैं। उनकी अच्छी खासी भूमि है तो वह दो फसलें बीजते थे, इसमें 15 से 20 क्विंटल गेहूं और मक्की 50 क्विंटल धान की फसलें प्राप्त करता था मगर अब कुछ नहीं बीज सकते, क्योंकि यह बेसहारा पशु परेशान कर रहे हैं और हर रोज ठिकरी पहरा दे पाना भी संभव नहीं हैं।

उन्होंने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि इन बेसहारा पशुओं ने निजात दिलाने को लेकर कोई सकारात्मक व व्यवहारिक कदम उठाए, अन्यथा वे फसल नहीं बीज सकते।

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