इंदौरा, संवाद सूत्र। Over Loaded Vehilces, हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार कंडवाल में प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित आरटीओ नाका मात्र शोपीस बन कर ही रह गया है। नेशनल हाईवे पर लगे इस नाके पर आज तक विभाग एक कांटा तक नहीं लगा सका। यहां से हर रोज हज़ारों की संख्या में ओवर लोडेड ट्रक प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते हैं, लेकिन आरटीओ नाके पर कांटा नहीं होने के कारण यहां पर तैनात कर्मचारी इन ओवर लोडेड गाड़ियों का चालान नहीं कर पाते हैं, जब इस विषय पर यहां पर तैनात कर्मचारी से बात की गई तो उन्होंने बताया हमारे पास यहां पर कर्मचारी कम होने के कारण हम इन गाड़ियों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहे व विभाग द्वारा हमें यहां एक ही गार्ड दिया गया है जिस कारण सारी गाड़ियां भी नहीं रोकी जा सकती।

जब इस विषय पर आरटीओ धर्मशाला संजय से बात की गई तो उन्होंने कहा कंडवाल में हमारा धर्म कांटा खराब है और बिना कांटे के हमें यह पता लगाना कठिन हो जाता है कि गाड़ी ओवर लोड है या नहीं, वहीं जब कंडवाल स्थित नाके पर तैनात कर्मचारी से बात की गई तो उनके अनुसार कंडवाल में कोई भी कांटा नहीं लगा है। अब प्रशन यह उठता है कि कांटा न होने  के नाम पर प्रदेश सरकार को कब तक यूं ही चूना लगता रहेगा और विभागीय अधिकारी कब तक इस तरह के बेबुनियाद ब्यान देते रहेंगे।

चिंता का विषय तो यह है कि प्रदेश का मुख्य द्वार होने के बाबजूद यहां स्थित आरटीओ नाके पर आज तक प्रदेश सरकार एक धर्म कांटा तक नहीं लगा पाई। वहीं दूसरी तरफ इस ओवर लोड गाड़ियाें से दुर्घटनाओं का आंकड़ा देखा जाए तो वह आसमान को छूने वाला है।

यहां से हर रोज ओवर लोड लेकर गुजरने वाली गाड़ियों को इस कांटे की वजह से मिलने वाली छूट के कारण प्रदेश सरकार के राजस्व को करोड़ों का चूना लग रहा है। बाबजूद इसके विभाग है कि कुंभकर्णीय नींद सोया हुआ है जो कि एक चिंता का विषय है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma