जाहू, दीना नाथ शास्त्री। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) ने ऋणदाताओं के लिए ओटीएस पॉलिसी शुरू की है, ताकि वे ऋण का भुगतान एक मुश्त कर सकें। प्रदेश में कई उपभोक्ता समय पर ऋण का भुगतान नहीं कर पाए हैं। इस कारण बैंक ने इन्हें डिफाल्टर घोषित किया है। बैंक के करोड़ों रुपये डिफाल्टरों के पास फंसे हैं। बैंक ने ऋण की वसूली के लिए ओटीएस पॉलिसी शुरू की है। इसके तहत सभी ऋण शामिल होंगे। यह पॉलिसी एक साल के लिए लागू होगी। एक मुश्त ऋण का भुगतान करने पर बैंक ब्याज पर लगने वाले ब्याज पर छूट देगा।

एक मुश्त ऋण की बजाय उपभोक्ता सैटलमेंट डेट से 25 प्रतिशत राशि भुगतान करता है तो डीजीएम स्तर पर गठित कमेटी के पास यह प्रस्ताव स्वीकृति के लिए जाएगा। स्वीकृति मिलने पर उपभोक्ता को 75 प्रतिशत राशि की अदायगी एक साथ करनी होगी या 10 फीसद साधारण ब्याज की दर से एक साल के भीतर भुगतान करना पड़ेगा। बैंक प्रबंधन की ओर से जारी अधिसूचना के तहत प्रदेश के सभी बैंकों की शाखाओं के प्रबंधकों ने ओटीएस पॉलिसी का बड़े स्तर पर प्रचार व प्रसार करने की हिदायत दी गई है, ताकि ऋण का भुगतान हो सके।

बैंक ने ऋणदाताओं की सुविधा के ओटीएस पॉलिसी शुरू की है ताकि वे ऋण का भुगतान कर सकें। अधिसूचना जारी कर बैंक प्रबंधकों को ओटीसी पॉलिसी का प्रचार व प्रसार करने के आदेश दिए हैं। -विनय कुमार, प्रबंध निदेशक, केसीसीबी।

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