जागरण टीम, धर्मशाला/कांगड़ा : मटौर- शिमला फोरलेन की जद में आ रहे उपमंडल कांगड़ा की ललेहड़ पंचायत के बाशिंदे विरोध में उतर आए हैं। इस बाबत ग्रामीण वीरवार को पहले कांगड़ा के विधायक पवन काजल और बाद मे एडीएम रोहित से मिले।

धर्मशाला पहुंचे ग्रामीणों ने सरकार से उन्हें न उजाड़ने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर 60 दिन में मकान खाली करने के लिए कहा गया है। तर्क दिया कि इतने कम समय में वे कहां बसेंगे और कहां आशियाना बनाएंगे। लोगों ने कहा कि पहले भी पौंग डैम के कारण उन्हें विस्थापित होना पड़ा था। वहां से आकर यहां बसे तो अब पुन: विस्थापित किया जा रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि यदि उनकी मांगें न मानी तो वे चक्काजाम करने और भूख हड़ताल करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। ग्रामीणों का कहना था कि पहले जो फोरलेन का सर्वे हुआ था, वह ठीक था, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों के कहने पर फिर से सर्वे किया गया, जिसमें उनके मकान भी फोरलेन की जद में आ रहे हैं। फोरलेन की जद में ललेहड़ गांव के 15 परिवार आ रहे हैं। इससे पूर्व ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल विधायक पवन काजल से मिला। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य न तो सरकारी न ही ग़ैरसरकारी नौकरी करता है। जनवरी में भी उन्होंने एसडीएम व उपायुक्त कांगड़ा को समस्या बताई थी, लेकिन मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने कहा कि उनके घरों को उजड़ने से बचाया जाए नहीं तो वे परिवार सहित भूख हड़ताल के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर पवन कुमार, मान चंद, सतीश कुमार, वीर सिंह, मदन लाल, सुमनबाला, अनीता कुमारी, जगपाल, अशोक कुमार, भगवान दास, विमला देवी, मोनिका, रानी देवी, चंचला देवी व सरोज कुमारी आदि मौजूद रहे।

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लदोह पंचायत में मोबाइल फोन टावर लगाने का विरोध

संवाद सूत्र, पंचरुखी : पंचरुखी ब्लाक के तहत लदोह पंचायत के ठाकुरद्वारा में मोबाइल फोन टावर लगाने पर उपजा विवाद विकास खंड अधिकारी पंचरुखी के पास पहुंच गया है।

बीडीओ पंचरुखी राजेश्वर भाटिया ने वीरवार को कार्यालय उपनिरीक्षक ध्रुव सिंह भूरिया व ब्लाक जेई श्रवण कुमार को साथ लेकर मौका का जायजा लिया। लदोह पंचायत की प्रधान अनीता देवी, उपप्रधान राजकुमार सहित करीब 50-60 ने टावर लगाने का विरोध किया। लोगों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अन्य किसी भी स्थान पर टावर लगाए जाए तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन लदोह में किसी भी सूरत में नहीं लगने दिया जाएगा। बीडीओ ने पंचायत प्रतिनिधियों और लोगों को सुझाव दिया कि कोई भी टावर पंचायत की एनओसी के बिना नहीं लगाया जा सकता, इसलिए इस मामले को ग्रामसभा की बैठक में लाकर सुलझा लिया जाए। अगर ग्रामीणों एवं पंचायत को स्वीकार नहीं है तो यहां टावर नहीं लगाया जाएगा। प्रधान अनीता देवी ने कहा कि पंचायत एनओसी नहीं देगी।