शिमला, जागरण संवाददाता। प्रदेश में कोरोना संक्रमण घटने और कोरोना कफ्र्यू में मिली राहत के बाद दूसरे राज्यों से घूमने के लिए आने वाले लोगों की आवक बढऩे लगी है। इससे काफी समय से मंदी का सामना कर रहे होटलों में भी ऑक्यूपेंसी बढ़ रही है। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक काफी संख्या में शिमला का रुख कर रहे हैं।

कालका शिमला हेरिटेज ट्रैक पर चलने वाली ट्रेन में सैलानियों की आवक बढ़ गई है। ट्रेन में करीब 60 से 70 फीसद सैलानियों की आक्यूपेंसी देखी जा रही है। सैलानियों की संख्या बढऩे के साथ अब रेलवे प्रशासन ट्रेनों को बढ़ाने का फैसला जल्द ले सकता है। कोरोना कफ्र्यू के चलते कालका शिमला रेलवे ट्रैक पर चलने वाली पांच ट्रेनें रद कर दी गई थीं। मौजूदा समय में केवल एक यात्री ट्रेन की आवाजाही कर रही है। संक्रमण के कम होने व आक्यूपेंसी बढऩे के साथ अब अन्य ट्रेनों के संचालन की जरूरत पड़ सकती है।

बढ़ सकती हैं ट्रेनों की संख्या

शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक जोगिंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना कफ्र्यू के बीच ऑक्यूपेंसी पांच से 7 फीसद रह गई थी जोकि अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। जरूरत पडऩे पर रेलवे ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

सैलानी पसंद करते हैं ट्रेन का सफर

बसों व गाडिय़ों में हिचकोले खाने की परेशानी से राहत पाने के लिए अक्सर सैलानी ट्रेन का सफर करना सही समझते हैं। हालांकि बसों व निजी वाहनों में यह सफर दो तीन घंटे तक कम हो जाता है लेकिन हैरिटेज ट्रैक की खूबसूरती निहारने की लालसा में सैलानी इसी में सफर करना पसंद करते हैं। यह ट्रैक 103 सुरंगों के साथ सैलानी को यादगार एहसास दिलाता है। वहीं रेलवे की ओर से कांच की छत वाली विस्टाडोम ट्रेन में आकर्षक सफर का सैलानी खूब आनंद उठाते हैं।

Edited By: Vijay Bhushan