जेएनएन, पालमपुर। प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा की प्रदेश कार्यकारणी के पदाधिकारियों ने वर्तमान बजट सत्र में अनुबंध से नियमित सभी विभागों के कर्मचारियों को वरिष्ठता लाभ देने की मांग उठाई है। अनुबंध से नियमित कर्मचारियों का कहना है कि पहले पांच साल का प्रोबेशनरी पीरियड काटने के बाद अब प्रोबेशनरी पीरियड ने वित्तीय लाभ पर अडंगा डाल दिया है। इसके चलते प्रमोशन तक रुक गया है।

प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार यह लाभ मिलने चाहिए थे। परंतु अभी तक नहीं मिलने से अनुबंध से नियमित कर्मचारियों में मलाल है। वर्तमान सरकार ने भी वादा किया था कि सत्ता में आते ही अनुबंध से नियमित कर्मचारियों को वरिष्ठता लाभ दिए जाएंगे। परंतु एक साल बाद भी लाभ नहीं दिए गए हैं। अलग-अलग अंतरालों में नियमित कर्मचारी वित्तीय लाभों को छोड़ अब सिर्फ वरिष्ठता लाभ पदोन्नति के लिए मांग रहे हैं। 2008 से कमीशन व बैचवाइज भर्तियों में अनुबंध शुरू हुआ। शुरुआत में अनुबंध काल छह साल फिर पांच व अब तीन साल किया गया।

अनुबंध समय तीन साल करना सराहनीय कार्य रहा। लेकिन 2008 में आरएंडपी रूल्स बदलकर अनुबंध लागू किया तो 2009 में जेबीटी की भर्ती नियमित कैसे हुई। 2002 में भी कमीशन की भर्तियों का विज्ञापित हुई थीं, बाद में धांधली बताते हुए इन्हें निरस्त कर दिया गया था। जब अभ्यर्थी कोर्ट गए तो 2009 से 2013 तक कोर्ट आदेशोंनुसार इन्हें नियमित रखा गया। जबकि 2008 से अनुबंध प्रथा शुरू हो चुकी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि यह लाभ इसी बजट सत्र में देकर न्याय दिया जाए।

पुरानी पेंशन योजना बहाली के लिए बनाई रणनीति

प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत एनपीएस कर्मचारियों की 15 फरवरी को शिमला में होने वाली रैली के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रक्कड़ में एनपीएस खंड देहरा के कर्मचारियों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता खंड प्रधान न¨रद्र ठाकुर ने की। उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना बहाली को लेकर एनपीएस कर्मचारियों ने पहले भी मांग उठाई है। अब शिमला में हक के लिए कर्मचारी आवाज बुलंद करेंगे। बैठक में न¨रद्र ठाकुर, जीवानंद, तिलकराज, सरोजिनी, कश्मीर सिंह, अशोक, अरुण, निशा, बबिता सहित अन्य मौजूद रहे।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस