संवाद सहयोगी, बैजनाथ : पानी के लिए कांगड़ा-मंडी की सीमा घट्टा में चल रहा विरोध अभी थमा ही था कि अब बीड़ में भी पेयजल योजना के लिए विरोध के स्वर उठना शुरू हो गए हैं। पैराग्लाइडिग के लिए प्रसिद्ध बिलिग घाटी में बन रही पेयजल योजना के खिलाफ बीड़ व क्योरी पंचायतों के लोग लामबंद हो गए हैं।

लोगों का कहना है कि उनका विरोध इस योजना के लिए उठाए जाने वाले पानी का लेकर है। उनकी सरकार व विभाग से यही मांग है कि योजना के लिए चोलट से पानी न उठाया जाए। इस स्थान से बीड़ के एक बड़े क्षेत्र के लिए पेयजल आता है। ऐसे में अगर बिलिंग के लिए भी यहीं से पानी लिया गया तो बीड़ में सूखे जैसे हालात हो जाएंगे। इस संबंध में शनिवार को बीड़ व क्योरी पंचायतों के प्रतिनिधियों ने विधायक मुल्ख राज प्रेमी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बीड़ के पंचायत प्रधान सुरेश ठाकुर, क्योरी के प्रधान शिव कुमार, बीड़ के उपप्रधान कपिल शर्मा, वार्ड सदस्य पवना देवी, लीला देवी, अंजू, बीडीसी सदस्य स्नेह लता व क्योरी के उपप्रधान रोबन ठाकुर सहित वार्ड सदस्यों ने बताया कि बिलिग के लिए काफी वर्षों से पानी की सप्लाई राजगुंधा के निकट चोरपानी से आती है। ऐसे में इस बार भी बिलिग के पेयजल योजना के लिए कहीं ओर से पानी लिया जाए। तर्क दिया कि बीड़ के मुख्य स्रोत चोलट और नागनी में पानी कम होने से बीड़, क्योरी, सूजा, लम्बहार व बाड़ी गांवों के लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ जाएगा। विधायक मुल्ख राज प्रेमी ने कहा कि पहली बार बिलिग के लिए करोड़ों रुपये की योजना सरकार ने स्वीकृत की है। इस योजना का लाभ बिलिग घाटी में आने वाले पर्यटकों व स्थानीय लोगों को होगा। जो पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग रखी है, उस पर अधिकारियों से विचार विमर्श किया जाएगा।

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