धर्मशाला, जेएनएन। प्रदेश सरकार ने इस बार पांचवीं व आठवीं कक्षा की परीक्षाएं हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से आयोजित करवाने का निर्णय लिया है। वहीं, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचना जारी करके सभी उपनिदेशकों को सूचित किया है कि इस बार प्रश्नपत्र संपूर्ण वार्षिक पाठ्यक्रम से आएगा तथा परीक्षा 100 अंकों की होगी जो पहले 50 अंकों की होती थी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसमें लिखित परीक्षा 85 अंक की होगी व उत्तीर्ण होने के लिए विद्यार्थी को 85 में से 28 अंक लेने अनिवार्य हैं। 28 अंक प्राप्त करने के बाद ही इंटरल असेस्मेंट 15 नंबर की दी जाएगी।

हिमाचल में इस शैक्षणिक सत्र से शिक्षा का अधिकार अधिनियम संशोधन 2019 लागू होते ही 5वीं और 8वीं कक्षा की वार्षिक लिखित परीक्षा में पास होने के लिए 28 नंबर लेना जरूरी रहेगा। प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले करीब सवा लाख बच्चे इस शैक्षणिक साल में पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षा में भाग लेंगे। सूबे के शीतकालीन स्कूलों की दिसंबर और ग्रीष्मकालीन स्कूलों के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं मार्च में होंगी। पांचवीं में करीब 63 हजार और आठवीं में करीब 65 हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। अगस्त में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस शैक्षणिक सत्र से ही पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में जाने के लिए परीक्षा पास करने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है।

दोनों कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रश्नपत्र तैयार करेगा। उत्तर पुस्तिकाएं भी बोर्ड ही उपलब्ध करवाएगा। जिला उपनिदेशक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करवाएंगे। वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों को दो माह में फिर परीक्षा का मौका मिलेगा। इन दो माह के भीतर फेल हुए विद्यार्थियों के लिए एक्सट्रा क्लास लगाई जाएगी। दोबारा होने वाले परीक्षा में भी फेल होने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में नहीं भेजा जाएगा। पहली से चौथी और छठी व सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों को असेसमेंट आधार पर ही अगली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। इन कक्षाओं के लिए नो डिटेंशन पॉलिसी जारी रहेगी।

Posted By: Rajesh Sharma

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