भवारना, जेएनएन। यदि आपका बचत खाता डाकघर में है तो उससे पैसे निकालने के लिए अब आपको खुद ही डाकघर आना होगा। डाकघरों में किसी अन्य या एजेंटों के माध्यम से पैसों की निकासी की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। मुख्य डाकघर धर्मशाला से सभी छोटे-बड़े डाकघरों को ऐसी व्यवस्था करने के लिए सूचित कर दिया है। बताते हैं डाक विभाग के पास काफी समय से अनेक शिकायतें पहुंची हैं जिनमें एजेंटों पर खाते से पैसे निकालकर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

डाक विभाग ने उपभोक्ताओं धोखाधड़ी से बचाने के लिए यह निर्णय लिया है। मौजूदा समय में डाक घरों में पांच साल की सावधि जमा योजना (आरडी), टर्म डिपॉजिट यानी एक से पांच साल तक की एफडी, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना, राष्ट्रीय बचत पत्र, वरिष्ठ नागरिक बचत खाता, पब्लिक प्रोविडेंट फंड जैसी योजनाएं चलाई गई हैं। इनमें पैसों की निकासी एजंटों के माध्यम से ही हो जाती थी। लेकिन धोखाधड़ी के मामले बढ़ने से डाकघरों व ग्राहक के बीच पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

लोगों को लगाने पड़ रहे डाकघरों के चक्कर

लोगों को अपने पैसों को निकालने के लिए डाकघरों के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसकी वजह डाकघरों में कैश की कमी बताई जा रही है। भवारना डाकघर की ही बात करें तो यहां 100 से अधिक महिला एजेंट हैं जिन्होंने आरडी के खातों को खोलने की एजेंसियां ले रखी हैं। हर माह लाखों रुपये वह लोगों से एकत्र करके डाकघर में जमा करवाती हैं। अब एजेंट के माध्यम से पैसे निकाले जाते थे। लेकिन अब इससे मनाही के कारण लोगों को स्वयं डाकघर आना पड़ रहा है। इससे डाकघर में भीड़ रह रही है। हर किसी को मौके पर भुगतान करना विभाग के लिए भी टेढ़ी खीर साबित हो रही है। जिस कारण ग्राहकों को हर रोज डाकघरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

एजेंट अथवा किसी अन्य की माध्यम से डाक घरों में किसी भी प्रकार की निकासी बंद कर दी गई है। इस संदर्भ में कई फ्रॉड मामले सामने आने के बाद लोगों के पैसों की सुरक्षा के लिहाज से यह निर्णय लिया गया है, ताकि उनका पैसा सीधा उनको ही मिले। -सोम दत्त राणा, सुपरिंटेंडेंट डाक विभाग धर्मशाला।

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