टांडा/कांगड़ा, जेएनएन। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के सबसे बड़े अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन कई दिन से खराब है। इससे मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टांडा में भर्ती मरीजों को निजी अस्पतालों में सीटी स्कैन करवाने पड़ रहे हैं। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उन पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में सीटी स्कैन के लिए उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।

टांडा मेडिकल कॉलेज की सीटी स्कैन मशीन में 19 फरवरी से खराबी आ गई है। इससे दूर-दराज से अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को भी निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। हर रोज पांच से 10 मरीज सीटी स्कैन के लिए कांगड़ा शहर के निजी अस्पतालों में जा रहे हैं। बुधवार को टांडा मेडिकल कॉलेज में ऑर्थो वार्ड में भर्ती गुड्डो, लेखराज व कृष्ण कुमार ने निजी अस्पताल में स्पाइन का सीटी स्कैन करवाया। बताते हैं अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों ने भी बुधवार को निजी अस्पतालों में सीटी स्कैन करवाए। यह सिलसिला कई दिन से चल रहा है। मशीन खराब होने के कारण मरीज व तीमारदारों में सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है। उनका कहना है कि सरकार सारी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे करती है, परंतु हकीकत कुछ और ही है।

टांडा मेडिकल कॉलेज की सीटी स्कैन मशीन में करीब दो सप्ताह पहले खराबी आ गई है। अस्पताल प्रशासन ने इस बारे में संबंधित कंपनी को अवगत करवा दिया है। बताते हैं कंपनी के इंजीनियर टांडा आए थे, परंतु अभी तक मशीन ठीक नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रशासन की मानें तो बैटरी व एक अन्य उपकरण खराब है जल्द मशीन ठीक कर दी जाएगी।

क्या कहते हैं एमएस

सीटी स्कैन मशीन कुछ दिन से खराब है। इस बारे में संबंधित कंपनी को बता दिया गया है। जल्द मशीन ठीक करवा दी जाएगी। इमरजेंसी में सीटी स्कैन करवाने के लिए मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला जाने की सलाह दी जा रही है। -डॉ. सुरिंद्र सिंह भारद्वाज, चिकित्सा अधीक्षक टांडा मेडिकल कॉलेज।

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Posted By: Rajesh Sharma