यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नालागढ़ नगर परिषद ने बाजार से हटाए अतिक्रमणकारी, दोबारा सड़क पर न आने की दी चेतावनी
सोलन जिले की नालागढ़ नगर परिषद ने सोमवार को अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बाजार से हटाया। परिषद के ...और पढ़ें

नालागढ़, संवाद सूत्र। सोलन जिले की नालागढ़ नगर परिषद ने सोमवार को अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बाजार से हटाया। परिषद के सर्वेयर बलजीत राणा की अगुवाई मेंं अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की।
नगर परिषद कर्मियों ने शहर में अवैध रूप से सड़कों पर कब्जा जमाने वाले करीब 18 रेहड़ी-फड़ीधारकों को हटवाया। नालागढ़ शहर की सड़कों पर अतिक्रमण करके बैठे रेहड़ी-फड़ी वालों को परिषद ने न केवल हटाया, बल्कि उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की है कि यदि परिषद की चेतावनी के बावजूद वे दोबारा सड़क पर आए तो उनका सामान जब्त कर चालान भी काटे जाएंगे।
नगर परिषद की कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया और वह अपना सामान समेटते नजर आए। परिषद की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद बाजार खुले-खुले भी नजर आए और शहर की खुली सड़कों पर आम लोगों को गुजरने में सहूलियत मिली है।
बताते हैं कि नगर परिषद की कार्रवाई करने के चंद घंटों बाद ही यह अतिक्रमणकारी दोबारा अपने स्थलों पर वापस आ जाते हैं। इससे कुछ घंटों के लिए तो शहर की सड़कें खुली नजर आती हैं, लेकिन कार्रवाई का असर चंद घंटों में ही सिमट कर रह जाता है।
गौर रहे कि नालागढ़ शहर में अतिक्रमणकारियों ने इतने पैर पसार दिए हैं कि शहर की सड़कें तंग हो गई हैं। नालागढ़ के एतिहासिक मेन गेट, बाबा बर्फानी चौक, बस स्टैंड के नजदीक आदि ऐसे कई स्थान हैं जहां अतिक्रमणकारी कब्जा जमाए बैठे हंै, जिसके चलते आम लोगों का शहर से गुजरना किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। रही सही कसर दुकानदारों द्वारा शहर की सड़कों पर उतरने और वाहनों की भारी आवाजाही ने पूरी कर ली है।
नगर परिषद अध्यक्ष रीना शर्मा ने कहा कि परिषद की कार्रवाई में करीब 18 रेहड़ी-फड़ीधारकों को हटवा दिया गया है और उन्हें कड़ी चेतावनी जारी कर दी है। अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परिषद द्वारा लाई गई कार्रवाई के बाद भी अतिक्रमणकारी फिर से सड़कों पर आए तो उनका जहां सामान जब्त किया जाएगा, वहीं उनका चालान भी काटा जाएगा।
