शिमला, राज्य ब्यूरो। Ration Depot in HP, हिमाचल प्रदेश के 18.90 लाख राशन कार्ड धारकों को अब सरसों तेल 17 से 26 रुपये तक सस्ता मिलेगा, जबकि माह साबुत चार रुपये व दाल चना तीन रुपये महंगी मिलेगी। राशन डिपो में इस माह मूंग तीन रुपये व मलका एक रुपये सस्ती मिलेगी। नए स्टाक की राशन डिपो में सप्लाई आरंभ हो गई है। दो माह का तेल सस्ते दाम पर मिलेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और गरीब परिवारों के साथ एपीएल को सरसों तेल 17 रुपये व आयकर दाताओं को 26 रुपये सस्ता मिलेगा। आटे के कोटे में एक किलो की कटौती कर दी है। राशनकार्ड धारकों में गरीब व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत आने वाले 6.50 लाख परिवारों को माह साबुत 55 रुपये प्रति किलो के स्थान पर 59 रुपये मिलेगी।

किस दाम पर क्या मिलेगा

  • खाद्य पदार्थ,गरीब,एपीएल,आयकरदाता,बजार में
  • सरसों तेल,134,139,149,180-210
  • माह साबुत,59,69,89,100-120
  • दाल चना,36,46,68,70-80
  • मलका,61,71,94,90-100
  • मूंग,53,63,86,90-110

पिछले माह यह था दाम

  • खाद्य पदार्थ,गरीब,एपीएल,आयकरदाता,बजार में
  • सरसों तेल,151,156,175,180-210
  • साबुत माश,55,65,94,100-120
  • दालचना,33,43,65,70-80
  • मलका,60,70,98,90-100
  • मूंग,56,66,90,100-110

क्‍या कहते हैं मंत्री

खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिंद्र गर्ग का कहना है राशन डिपो में मिलने वाले तेल के मूल्य में 17 से 26 रुपये की कमी की गई है। दाल के मूल्य में कुछ अंतर आया है। चावल और आटे के कोटा में नियमों के आधार पर बदलाव होता रहता है।

एसजेवीएन ने महाराष्ट्र में हासिल की 200 मेगावाट सोलर परियोजना

एसजेवीएन ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) की ओर से संपन्न की गई ई-रिवर्स आक्शन के माध्यम से 200 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना हासिल की है। एसजेवीएन के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन ने एमएसईडीसीएल की टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया में बिल्ड आन और आपरेट के आधार पर 200 मेगावाट सौर परियोजना 2.90 रुपये प्रति यूनिट की दर पर हासिल की। यह ग्राउंड माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट एसजेवीएन की ओर से महाराष्ट्र में कहीं भी ईपीसी अनुबंध के माध्यम से विकसित किया जाएगा।

इस परियोजना के निर्माण की संभावित लागत 1200 करोड़ रुपये है। परियोजना एसजेवीएन और एमएसईडीसीएल के बीच शीघ्र ही होने वाले बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करने की तिथि से 18 महीने की अवधि के भीतर कमीशन हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा विजन हरित भविष्य और कार्बन रहित अर्थव्यवस्था के लिए सरकार के विजन के अनुरूप है। इस परियोजना के आवंटन के साथ हमारा सौर और पवन पोर्टफोलियो 3946.5 मेगावाट हो गया है, जिसमें से 104.5 मेगावाट परिचालन में है, 1370 मेगावाट निर्माणाधीन है और 2472 मेगावाट कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है। एसजेवीएन तीव्र विस्तार और क्षमतागत वृद्धि के पथ पर अग्रसर है। कंपनी वर्ष 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 25000 मेगावाट और वर्ष 2040 तक 50000 मेगावाट स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़ रही है।

Edited By: Virender Kumar