कुल्लू, दविंद्र ठाकुर। एमबीए तक पढ़ाई की। नौकरी के पीछे न भागकर प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण लेकर कारोबार शुरू किया। अब हर माह लाखों रुपये की कमाई हो रही है और 20 लोगों को रोजगार भी दिया है। आत्मनिर्भरता की यह कहानी है कुल्लू जिले के शालंग गांव के 34 वर्षीय युवक यशपाल ठाकुर की। एमबीए करने के बाद यशपाल के स्वजनों को आस थी की कि बेटा नौकरी करेगा। लेकिन यशपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का प्रण लिया। 2019 में प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 24 लाख रुपये का ऋण लेकर हथकरघा कारोबार शुरू किया।

वह कुल्लवी टोपी, शॉल, मफलर, हाफ जैकेट, स्टॉल, जुराबें इत्यादि बनाने लगा। इसके बाद प्लांट लगाया और मशीनें मंगवाई। इनमें प्रयोग होने वाला धागा लुधियाना, अमृतसर से मंगवाया। शुरू में दिक्कतें भी आई। धीरे-धीरे कारोबार बेहतर होने लगा। अब यशपाल महीने में 15 से 20 लाख रुपये कमाते हैं। 20 लोगों को रोजगार भी दिया है।

अब कुल्लू के साथ लगते बाशिंग में हिमाचल पथ परिवहन निगम की वर्कशॉप के सामने शोरूम भी खोल लिया है। यशपाल बताते हैं कि सारी वस्तुएं हथकरघा से तैयार करते हैं। इसमें समय तो अधिक लगता है, लेकिन इनकी गुणवत्ता बढिय़ा होती है। शॉल-टोपी समेत जो भी वस्तुएं बनाई जाती हैं वे बाजार में उपलब्ध उत्पादों से बहुत अच्छी होती हैं। ग्रामीणों में हुनर की कमी नहीं है, बस उन्हें निखारने वाला चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण से हुए प्रेरित

बकौल यशपाल, जब मैंने एमबीए की तो पहले नौकरी करने की सोची। एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुना कि आत्मनिर्भर बनो। इसके बाद मन बना लिया कि अपना कारोबार ही शुरू करूंगा। प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण लिया और हथकरघा कारोबार शुरू किया। 20 महिला व पुरुषों को रोजगार दिया है। हर माह 15 से 20 लाख रुपये कमाता हूं।

Posted By: Rajesh Sharma

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