कुल्लू, संवाद सहयोगी। Malana Fire Incident, जिला कुल्लू के ऐतिहासिक मलाणा गांव में अग्निकांड की घटना के बाद 24 घंटे बाद भी आग की चिंगारी सुलगती रही। दहशत में ग्रामीण रात भर जागते रहे। ग्रामीणों ने बारी बारी राख के ढेर पर नजर बनाए रखी कि कहीं कोई चिंगारी फ‍िर से न भड़क उठे। रात भर ग्रामीण जागते रहे और आग को भी बुझाते रहे। इस अग्निकांड में मलाणा गांव के 16 घरों के 150 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से 22 प्रभावित परिवारों को राहत राशि कंबल इत्यादि प्रदान किए गए, जबकि वीरवार सुबह प्रशासन की टीम फिर से मलाणा गांव में प्रभावित परिवारों को राहत राशि प्रदान की गई।

मलाणा के धाराबेहड़ में एक मकान में आग की चिंगारी ने 16 मकान और एक शेड को अपनी चपेट में ले लिया था। अचानक लगी आग से ग्रामीणों को संभलने का मौका नहीं मिला पाया कि आखिर यह हुआ क्या है।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस अग्निकांड में करीब नौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। चूंकि मलाणा गांव के लिए लगभग एक घंटे का पैदल रास्ता है। इसके बावजूद फायर उपकरण व अन्य राहत सामग्री सहित प्रशासन तुरंत यहां पहुंच गया था।

मलाणा गांव में सभी मकान लकड़ी के बने थे और रिहायशी मकानों के समीप ही पशुचारा इत्यादि का भी भंडारण किया जाता है। जिस कारण अधिक नुकसान हो गया। मलाणा पंचयात के उपप्रधान रामजी ने बताया अभी पूरी तरह से आग बुझी नहीं है, अभी भी डर सता रहा है। यहां पर लगातार हवा चल रही है। हवा के झोंके के साथ यदि कोई चिंगारी सुलग उठी तो बचे हुए घरों को भी खतरा पैदा हो सकता है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma