संवाद सहयोगी, धर्मशाला : पठानकोट-मंडी फोरलेन की जद में आने वाले गगल के बाशिदों ने नगरोटा बगवां व रैत की तर्ज पर बाईपास या फ्लाई ओवर बनाने की गुहार लगाई है। इस बाबत बुधवार को गगल पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी कांगड़ा को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में तर्क दिया है कि सरकार रोजगार खत्म करने की बजाय ऐसा विकल्प तैयार करे जिससे कम से कम नुकसान हो। यदि उपरोक्त दोनों ही मांगें संभव नहीं हैं तो सड़क की चौड़ाई कम की जाए। साथ ही उन लोगों का भी ख्याल रखा जाए जिनकी नीचे दुकानें व ऊपर मकान हैं। ऐसे लोग बेरोजगार तो होंगे ही साथ ही बेघर भी हो जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल ने साफ किया कि गगल बाजार में दुकानें व छोटी औद्योगिक इकाइयां करीब 1000 लोगों को रोजगार मुहैया करवा रही हैं। यहां काम कर रहे लोग आसपास के गांवों से ही हैं। यदि बाजार फोरलेन की भेंट चढ़ जाता है तो इन लोगों के रोजगार पर संकट आ जाएगा। प्रतिनिधिमंडल पंचायत प्रधान रेणु पठानिया की अध्यक्षता में डीसी से मिला। रेणु पठानिया, वरिद्र सिंह, अरविद पठानिया, सुरेंद्र सिंह, दीपक, अनिल, अंकित महाजन, अमित मेहता, विवेक कटोच, अक्षय शर्मा, अरुण कुमार, पंजाब सिंह, जितेंद्र ठाकुर, अजय कुमार, राजीव कुमार, उर्मिला, सचिन कुमार व संजय मेहता ने बाजार की एक ओर की ही भूमि लिए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनके अनुसार गजट में भू नंबरों से साफ है कि फोरलेन के लिए एक ओर की ही भूमि व दुकानों से छेड़ा जा रहा है, जबकि सड़क को दोनों तरफ से बराबर लिया जाना चाहिए। तर्क दिया कि गगल बाजार के पास ही शानन प्रोजेक्ट की वायर गुजर रही है, जिससे पहले भी काफी लोग प्रभावित हैं। यदि फोरलेन में एक ओर की ही जमीन ली जाती है तो सड़क के साथ ही वायर आ जाएगी और प्रभावित दुकानें व मकान नहीं बना सकेंगे।

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