शिमला, जेएनएन। प्रदेश में 25 मई से परिवहन सेवाएं पटरी पर लौट सकती हैं। परिवहन मंत्री परिवहन सेवाएं आरंभ करने के पक्षधर हैं, लेकिन किराया बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली है। पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने बसें चलाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता लग रही है कि धीरे-धीरे यात्री परिवहन सेवा शुरू की जानी चाहिए। प्रदेश में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए परिवहन सेवा शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।

प्रदेश में यात्री परिवहन सेवा कितनी फीसद शुरू करनी है, इसे जिलास्तर या प्रदेश स्तर पर शुरू करना है, इस पर 23 मई को होने वाली प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। परिवहन निगम, विभाग बसों को चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

केंद्र से पहले ही मिल गई थी अनुमति

कोरोना वायरस के चलते करीब दो माह से बंद पड़ी परिवहन सेवाएं शुरू करने की मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिश पर शनिवार को कैबिनेट की बैठक में चर्चा होनी है। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन-3 में ही 50 फीसद यात्री परिवहन चलाने की अनुमति दे दी थी, लेकिन हर राज्यों की अपनी परिस्थिति होती है। साथ ही हिमाचल के बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को लाने के लिए सरकार ने व्यवस्था करनी थी। लोगों को अपने घर वापस लाया भी गया।

किराये पर क्या कहा

प्रदेश में बस किराया बढ़ाने पर परिवहन मंत्री ने साफ तौर से कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि आर्थिक बोझ को सब मिलकर उठाएंगे। अभी तक बस भाड़ा बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं बना है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश व लोगों के हित में निर्णय लेगी।

Posted By: Rajesh Sharma

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