शिमला, जागरण संवाददाता। हिमाचल में उपचुनाव के बाद प्रदेश सरकार व संगठन में बदलाव तय है। हालांकि यह किस स्तर पर होता है, कब तक होता है, यह भाजपा हाईकमान ही तय करेगा। कमेटियां इन पर मंथन कर अपनी अनुशंसा हाईकमान को भेजेंगी। दो दिन के मंथन में अब तक यह तय किया है कि अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है। ऐसे करीब 24 नेताओं की सूची भी तैयार की है।

प्रदेश सरकार या फिर संगठन में किसी भी बड़े पद पर बैठा व्यक्ति यदि अनुशासनहीनता की जद में आता है तो कार्रवाई होगी ही। सूत्र बताते हैं कि शिमला में चल रही बैठक में प्रभारी मंत्रियों से लेकर अन्य नेताओं के प्रदर्शन पर भी चर्चा की गई। कहां खामियां रही हैं, इस पर भी विस्तार से बातचीत हुई है। यह पूरी रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी जाएगी। बैठक में मामला उठाया कि 2017 में जिनके नाम पर हम चुनाव जीते। आज सरकार में उनके काम ही नहीं हो रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं, जो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सीधे तौर पर अनदेखी कर रहे हैं। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संगठन ने भी उठाए सवाल

संगठन ने भी अनदेखी के सवाल उठाए। कहा कि सरकार में कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारियों की अनदेखी हो रही है। कई अधिकारी उन्हें सुनने तक से इन्कार कर देते हैं। इससे आम आदमी का विश्वास पार्टी के पदाधिकारियों से उठ रहा है। इसमें सुधार की जरूरत है।

जल्द बदलाव नहीं किए तो होगा नुकसान

वरिष्ठ नेताओं ने सुझाव दिया कि जो फैसले लिए हैं उन पर जल्द अमल करें तभी फायदा होगा। एक वरिष्ठ नेता ने साफ तौर पर कहा कि इन फैसलों को लागू करने में देरी करने का खामियाजा भी उपचुनाव की तरह भुगतना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री के चेहरे पर लड़ेंगे चुनाव

भाजपा में नियम है कि जो भी मुख्यमंत्री होता है, उन्हीं को चेहरा बनाकर चुनाव लड़ा जाता है। हिमाचल में भी यही होगा। बैठक में चर्चा हुई कि पार्टी मुख्यमंत्री के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी।

Edited By: Neeraj Kumar Azad