केलंग, जागरण संवाददाता। Lahaul Farmers, लाहुल घाटी में सड़क मार्ग बंद होने से किसानों की मुश्किल बढ़ गई है। खेतों से निकाला मटर, गोभी व ब्रोकली सड़ने पर किसान उसे नदी में फेंकने को मजबूर हो गए हैं। समस्त मायड़ घाटी सहित पटन के थिरोट, त्रिलोकीनाथ, हिंसा, उदयपुर, मड़ग्रा, तिंदी में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। किसानों के साथ साथ व्यपारी भी दिक्कत में हैं। व्यापारियों द्वारा खरीद की गई सब्जियां ट्रकों में सड़ रही हैं, जबकि किसानों की सब्जियां खेतों में खराब हो रही हैं। किसानों के साथ साथ व्यपारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

लाहुल घाटी में 50 हजार टन से अधिक सब्जियों का उत्पादन होता है। आलू के साथ साथ अब मटर,  फूलगोभी, बंदगोभी, ब्रोकली की अधिक पैदावार हो रही है। कृषि विभाग की माने तो घाटी में दो हजार हेक्टेयर के करीब भूमी पर सब्जियों की पैदावार की जाती है। पिछले साल कोरोना के कारण असमंजस में पड़े किसानों ने आलू को अधिक महत्व दिया था और फायदे में भी रहे थे, क्योंकि आलू जल्दी खराब भी नहीं होता है व दाम भी बेहतर मिले। लेकिन इस बार लोगों ने आलू के बजाय मटर, फूलगोभी, बंदगोभी, ब्रोकली को अधिक महत्व दिया। लाहुल की 100 रुपये से ऊपर बिकने वाली ब्रोकली की मांग देश भर के स्तरीय रेस्तरां व होटलों में रहती है।

व्यापारी व किसान सब्जियां सड़ने की वजह से फेंकने को मजबूर हो गए हैं। बिलासपुर से आए व्‍यापारी शशि भूषण ने बताया उन्होंने लाखों रुपये की सब्ज़ी खरीदी थी। लेकिन सड़क बंद होने ओर माल सड़ने के कारण फेंकना पड़ रहा हैं।

उधर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेने लाहुल पहुंचे सीएम जय राम ठाकुर ने कहा कि सड़क निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करने का हर संभव प्रयास करेगी।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma