कुल्‍लू, दविंद्र ठाकुर। कोरोना काल में अधिकतर लोग कारोबार मंदा चलने के कारण हिम्‍मत हार रहे हैं। लेकिन कुल्‍लू की महिलाएं विपरीत परिस्थिति में भी उभर कर सामने आई हैं। लॉकडाउन-एक में तो कारोबार मानों बिल्‍कुल ठप हो गया था। लेकिन कुछ दिन बाद ही महिलाओं ने योजनावद्ध तरीके से एक बार फिर कारोबार को रफ्तार दे दी है। कुल्‍लू की महिलाएं स्‍वयं सहायता समूह बनाकर अचार का कारोबार कर अच्‍छी कमाई कर रही हैं। वर्तमान में कुल्‍लू शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों की मांग भी ये महिलाएं पूरी कर रही हैं।

अनलॉक होने के बाद अब महिलाओं के अचार बनाने का कारोबार रफ्तार पकड़ने लगा है। अन्‍य जिलों ही नहीं दिल्‍ली से भी ऑर्डर आने लगे हैं। शहर ही नहीं गांव की महिलाएं भी स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हुई हैं। कुल्लू जिला में महिलाओं द्वारा समूह बनाकर अचार सहित अन्‍य उत्‍पाद तैयार किए जा रहे हैं। समूह में आठ से 10 महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं अचार बनाकर आत्मनिर्भर बन कर उभरी हैं। मौजूदा समय में कुल्‍लू में महिलाओं के तीन स्‍वयं सहायता समूह बेहतर कार्य कर रहे हैं। इनकी सदस्‍य महिलाएं घर के कामकाज के साथ अचार व जूस सहित अन्‍य उत्‍पाद बनाकर अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर रही हैं। ग्रामीण इलाके की महिलाएं भी इस ओर रुख करने लगी हैं।

लिगड़ी के अचार की भारी मांग

महिलाओं ने काेरोना काल के दौरान कुल्लू में प्रसिद्व लिगड़ी का अचार बनाया है। इसकी शहर सहित अन्‍य जिलों व दिल्‍ली तक से डिमांड आने लगी है। इसके अलावा गोभी, गाजर, आडू का अचार, आम का अचार, भिंडी, बेंगन का अचार, अरवी, लहसुन का भी अचार बनाया जाता है।

लॉकडाउन के बाद पकड़ी रफ्तार : प्रिया शर्मा

पुईंद की प्रिया शर्मा ने बताया कि हम लोग पिछले दो वर्षों से आचार का करोबार करती हैं। इस वर्ष लॉकडाउन में कारोबार मंदा हो गया था। लेकिन हिम्‍मत नहीं हारी और योजनावद्ध तरीके से कारोबार को रफ्तार दी। अब अचार की बहुत डिमांड आ रही है। हमारा पांच महिलाओं का समूह है और वे मिलकर अचार तैयार करती हैं।

 कोरोना काल में कारोबार के रूप में शुरुआत : पूनम

वहीं कुल्लू के भुंतर की पूनम परमार का कहना है अचार तो वे वर्ष 2012 से तैयार करते हैं। लेकिन कारोबार के तौर पर लॉकडाउन में ही शुरू किया। अचार बनाकर आज दस से 15 हजार रूपये मासिक आय प्राप्त कर रही हैं। कोरोना वायरस की महामारी ने रोजगार को लेकर बड़ा संकट खड़ा किया है। लॉकडाउन में जहां लोगों की नौकरी छूट रही थी। वहीं अब हमने अचार बनाने का कारोबार शुरू किया। 

घर के कामकाज के साथ अचार को बनाया साइड बिजनेस

कुल्लू के साथ लगते पुईंद की रहने वाली प्रिया शर्मा, रजना शर्मा, प्रोमिला, गीता, सरिता ठाकुर ने बताया वे पांच महिलाएं एक साथ कार्य करती हैं। वे सभी महिलाएं अपने घरेलू कामकाज सहित खेतीबाड़ी भी करती हैं। इसके बावजूद अचार का व्यापार साइड बिजनेस के तौर पर शुरुआत की है। इससे वे अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थित‍ि मजबूत हुई है। दिनभर के काम से थेड़ा समय अचार बनाने के लिए रविवार को या रोजाना शाम को एकत्रित होकर निकालती हैं।

अंतरराष्ट्रीय दशहरे में लगाएंगे स्‍टाॅल

महिलाओं का कहना है कि इस बार वे अंतरराष्‍ट्रीय कुल्‍लू दशहरा में भी स्‍टाल लगाने की योजना बना रही हैं। अगर दशहरा उत्सव होता है तो वे प्रशासन से दुकान लगाने की मांग करेंगी। इससे उनका कारोबार भी अच्छा होगा और लोकल अचार का प्रचार प्रसार भी होगा।

दो वर्ष तक खराब नहीं होता यह अचार

सबसे पहले लिगड़ी काे अच्छी तरह से साफ करना है। इसके बाद इसे आधा उवालना है और धूप में सुखाने के लिए रख देना होता है। इसके बाद तेल को गर्म करना है। तेल ठंडा होने के बाद इसमें लिगड़ी डाल देना और इसमें अजवाइन, मेथी, नमक, हल्दी, मिर्च स्‍वाद अनुसार डालना है। इसके बाद अंत में राई पाउडर डाला जाता है, ताकि अचार जल्दी खराब न हो। इसके बाद डिब्बे में पैक किया जाता है और एक सप्ताह बाद अचार खाने के लिए तैयार हो जाता है। यह अचार दो वर्ष तक खराब नहीं होता है।

ब्रास के फूलों से बनाया जूस

पूनम परमार ने बताया कि उन्‍होंने ब्रास के फूलों से जूस बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया था। लॉकडाउन के कारण पूरा नहीं हो पाया, अब एक बार फिर ब्रास के फूलों का जूस का कारोबार भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए फूल एकत्र कर लिए हैं, जल्द ही इसका कारोबार शुरू किया जाएगा।

लॉकडाउन खुलने के बाद आई डिमांड

भुंतर की पूनम परमार का कहना है अभी तक हमारे पास लाॅकडाउन खुलने के बाद लिगड़ी के अचार की दस किलो, आम का पांच किलो, लहसुन की दस किलो की डिमांड आ चुकी है। इसे तैयार कर जल्द ही यह डिमांड पूरी की जाएगी।

कई गुणों से भरपूर है यह अचार

कुल्‍लू पंचकर्मा के आयुर्वेद‍िक चिकित्‍सा अधिकारी डाॅ. मनीष सूद का कहना है लिगड़ी में कई प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर के पोषण के लिए आवश्यक होते हैं। इसमें एंटी आक्सीडेंट विटामिन-ए, ओमेगा-3, ओमेगा-6 आदि आवश्यक तत्व पाए जाते हैं। यह सर्दी खांसी और वायरल के लिए भी लाभकारी है।

Posted By: Rajesh Sharma

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