जागरण संवाददाता, पालमपुर : कांगड़ा प्राइमरी एग्रीकल्चर रूरल एंड डेवलपमेंट (केपीएआरडी) बैंक में निदेशक चुनाव से पहले विवादों में आ गया है। इस बैंक के दो निदेशक होते हैं तथा इस बार होने वाले चुनाव से पहले कांगड़ा जिला को दो जोन बना दिए गए हैं। एक देहरा और दूसरा धर्मशाला। देहरा जोन में पालमपुर, कांगड़ा, नगरेाटा बगवां, बैजनाथ और आसपास के सदस्यों को शामिल किया गया, जबकि इससे पहले धर्मशाला एकमात्र जोन था, जिस कारण सभी सदस्यों को कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन इस बार चुनाव से ठीक पहले बनाए गए दो जोन अब परेशानी बनने लगे हैं। इस बैंक के हजारों सदस्य हैं लेकिन जिस समय जोन बांटने के लिए कोरम का आयोजन किया गया था उस समय बैठक में केवल 50 से 60 सदस्य मौजूद थे। बैंक सदस्य संजय शर्मा, चंद्रभूषण नाग, कुलदीप कुमार, मनोहर धीमान, जो¨गद्र गुलेरिया, राजेश बंटा आदि की मानें तो नया देहरा जोन बनने पर सदस्यों ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी है। सदस्यों का कहना है कि देहरा जोन बनने के बाद सदस्यों को वहां आने जाने में दिक्कत रहेगी जबकि पहले धर्मशाला से सही तरीके से कार्य चल रहा था। जोन बनाने की क्या आवश्यकता पड़ी यह भी समझ से परे है। इस मामले को स्वास्थ्य मंत्री विपिन ¨सह परमार के समक्ष रखने तथा उनके द्वारा इसमें हस्तक्षेप के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती दिख रही है जिस कारण सदस्यों में भी रोष है।

वहीं बैंक के जीएम राज नारायण जमालटा ने कहा कि मुझे बैंक में कार्यभार संभाले कुछ ही समय हुआ है तथा जोन बनाने संबंधित प्रक्रिया पहले ही हो चुकी थी अब तो निदेशक के चुनाव से संबंधित प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।

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