कोटला ,जीवन कुमार। पठानकोट-मंडी नेशनल हाइवे पर कोटला स्थित देहर खड्ड पर पुल तो तैयार हो गया तथा यातायात को पुल के ऊपर से आवागमन के लिए बहाल भी कर दिया। लेकिन पुल निर्मित करने वाले ठेकेदार को विभाग द्वारा पेमेंट नहीं की गई। कोटला की देहर खड्ड पर उक्त पुल का निर्माण निर्धारित अवधि मार्च 2019 में तैयार कर दिया गया था जिससे लोगों ने खुशी जाहिर की थी क्योंकि पुराना अंग्रेजों के जमाने का निर्मित पुल जर्जर हो चुका था जोकि कभी भी अनहोनी घटना को अंजाम दे सकता था।

वाहन चालक अपनी जान को जोखिम में डालकर जर्जर पुल से वाहनों को गुजारते थे। नया पुल बनने से वाहन चालकों सहित लोगों की जान में जान आई। इस पुल का निर्माण सरकारी ठेकेदार बीपी शर्मा ने किया था तथा ठेकेदार द्वारा निर्माणकार्य पूरा करने के बाद पुल विभाग के सुपुर्द कर दिया था और बकाया बिल भुगतान के लिए लोक निर्माण विभाग में कागजात और बिल भी प्रस्तुत कर दिए थे लेकिन दो साल का समय बीत जाने के बाद भी पेमेंट नहीं दी जा रही है जोकि साढ़े तीन करोड़ रुपये बनती है। लोक निर्माण विभाग बकाया राशि देने में आनाकानी कर रहा है।

यह बोला ठेकेदार ने

ठेकेदार बीपी शर्मा ने कहा कि मैंने बैंक से कर्ज लेकर पुल को तैयार किया है लेकिन पेमेंट न मिलने के कारण उसका बैंक में ब्याज भी मैं ही भर रहा हूं। उन्होंने कहा कि बकाया पेमेंट के लिए जब भी विभाग के पास जाता हुं तो टालमटोल की जाती है। मुझे जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग वाले अधिकारी आते रहते हैं और मात्र फिता लेकर पुल की नाप-नपाई करके चले जाते हैं। पुल के तैयार हो जाने की एंट्री सात दिन के अंदर करनी होती है लेकिन जेई ने एंट्री क्यों नहीं की, जो इस पुल का काम देख रहा था। उन्होंने कहा कि अगर विभाग द्वारा एक माह के भीतर मुझे पुल की पेमेंट का भुगतान नहीं किया गया तो मैं आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाऊंगा जिसकी जिम्मेवारी संबंधित विभाग की होगी।

क्या कहते हैं जेई राहुल कुमार

के कनिष्ठ अभियंता जेई राहुल कुमार से बात करनी चाही, तो उन्होंने कहा कि मेरा तबादला हो चुका है और इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। जबकि जेई राहुल कुमार गत दिवस बुधवार को भी अधिशासी अभियंता की टीम के साथ कोटला के नए पुल पर नाप-नपाई कर रहे थे।

एक्सईएन बीके धीमान यह बोले

एनएच विभाग के एक्सईएन बीके धीमान इस बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।

Edited By: Richa Rana