यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kinnaur Landslide: 40 किलोमीटर का सफर, घटनास्थल तक मशीनरी पहुंचाने में ही लगा दिए छह घंटे, पढ़ें खबर
Kinnaur Landslide रामपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर निगुलसरी में दोपहर 12 बजे के करीब भूस्खलन हुआ और राहत व ...और पढ़ें

रामपुर बुशहर, संवाद सहयोगी। Kinnaur Landslide, रामपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर निगुलसरी में दोपहर 12 बजे के करीब भूस्खलन हुआ और राहत व बचाव कार्य सायं छह बजे तक शुरू नहीं हुआ। इससे अपनों को ढूंढते लोगों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व प्रशासन के खिलाफ गुस्सा देखा गया। उनका आरोप है कि 40 किलोमीटर के सफर में घटनास्थल पर मशीनरी पहुंचाने में छह घंटे लगा दिए। उन्होंने कहा कि सायं पांच बजे तक भावानगर की तरफ से बचाव कार्य शुरू हो गया था लेकिन रामपुर की ओर से छह घंटे बाद भी शुरू नहीं हुआ। एनडीआरएफ, पुलिस व आइटीबीपी के जवान हादसे के कुछ समय बाद मौके पर पहुंच गए थे। सभी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व अन्य विभागों की मशीनरी का इंतजार कर रहे थे।
सूचना के अनुसार सायं करीब चार बजे तक पहाड़ी से पत्थर गिर रहे थे। पांच बजे के बाद बचाव कार्य के लिए स्थिति सामान्य हो गई थी। हैरानी की बात है कि रामपुर की ओर से कोई भी मशीनरी मौके पर नहीं पहुंची। लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व अन्य विभागों के पास रामपुर के आसपास मशीनरी उपलब्ध नहीं है। हादसा हो जाता है तो क्या लोग घंटों तक मशीनरी का इंतजार करेंगे। मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत की जाएगी। लोकेंद्र का आरोप है कि रामपुर की तरफ से बचाव कार्य शुरू में काफी देरी की गई। हालांकि भावानगर की तरफ से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया था।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता केएल सुमन ने बताया कि स्पाट के लिए डोजर की जरूरत थी, जिसे नारकंडा से लाया गया है। एलएनटी मशीन ज्यूरी में खड़ी थी। इसे ले जाने के लिए बड़े ट्रक की जरूरत थी। दोपहर बाद पछाड़ा से ट्रक लाकर मशीन को इसमें लोड किया गया। सायं छह बजे एलएनटी मशीन घटनास्थल पर पहुंचा दी।
