देहरा, संवाद सहयोगी। 17 वर्षों तक नियमितीकरण की लंबी लड़ाई लड़ने के बाद वर्ष 2020 में पैट से नियमित हुए प्रदेश के 3400 जेबीटी अध्यापकों को नए वेतनमान से एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रितपाल चौहान एवं पूर्व राज्य महासचिव सुरिंद्र ठाकुर ने एक सयुंक्त ब्यान में कहा कि नए वेतनमान की अधिसूचना के अनुभाग 7 (2) के उपबंध(ए) में वित्त विभाग द्वारा सुझाए गए दो विकल्पों में प्रोवेशन के कारण इन पर 5910-20200 स्केल होने के चलते इन पर केवल 2.59 का विकल्प ही लागू होता है, जबकि अन्य कर्मचारियों को नए वेतनमान की अधिसूचना में दो विकल्प दे रखे हैं।

17 सालों की लंबी सेवाएं देने के बावजूद अब भी शिक्षा विभाग इनकी प्रोबेशन आधार पर सेवाएं ले रहा है और 6 माह उपरांत प्रोबेशन अबधि पूर्ण होने पर इनका वेतनमान रिवीजन होने पर इन्हें 2.25 का गुणांक मिल जाने से इनके वेतन में मासिक 1500 से 2000 के बीच का अंतर आ रहा है। पैट से जेबीटी नियमित हुए इन अध्यापकों का सेवाकाल अस्थायी सेवाओं में ही बीत गया है जबकि नियमित सेवाएं बहुत ही सीमित रह गयी हैं।

इनका कहना है कि 3400 अध्यापक पिछले कई सालों से नए वेतनमान के प्रति आशावान थे परंतु उनकी आशा निराशा में बदल गई है। पैट महासंघ के पूर्व प्रदेश सचिव सुरेंद्र एवं पूर्व जिलाध्यक्ष प्रितपाल चौहान का कहना है कि अध्यापकों ने सरकार से गुहार लगाई है कि प्रोबेशन अबधि की लगभग समाप्ति को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश सरकार व वित्त विभाग इस अधिसूचना के अनुभाग 15 में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन्हें नियुक्ति की तिथि से पे-रिवीजन का विकल्प देकर इनके लिए भी 2.25 गुणांक के साथ पे फिक्स करने का मौका दे ताकि यह भी नए वेतनमान से लाभांवित हो सकें, अन्यथा 3400 अध्यापकों को मज़बूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

Edited By: Richa Rana