शिमला, राज्य ब्यूरो। Jal Shakti department Employees, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ व पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने कोरोना काल के दौरान कफ्र्यू में भी निरंतर ड्यूटी दे रहे जल शक्ति विभाग व बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को करोना योद्धा का दर्जा न देने पर रोष प्रकट किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष व पेंशन बहाली संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एलडी चौहान ने कहा कि ये फील्ड कर्मी लगातार बेहतर जल व बिजली सुविधा प्रदान कर रहे हैं। लेकिन जब स्वास्थ्य सचिव द्वारा कोरोना योद्धा की सूची जारी की जाती है तो उसमें इनका कहीं जिक्र तक नहीं किया गया। यह इस संकट के दौर में इन विभागों के कर्मचारियों के हौसले को बढ़ाने के बजाय गिराने का कार्य कर रहा।

उन्होंने कहा कि करोना योद्धा का दर्जा मिलने से कर्मचारियों को कोई इनाम नहीं मिलने वाला। न ही किसी तरह का कोई अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलने वाला है, लेकिन योद्धा का दर्जा मिलने से जहां ड्यूटी दे रहे कर्मियों को गर्व महसूस होगा वही उनके भीतर करोना से लड़ते हुए काम करने का अतिरिक्त उत्साह उत्पन्न होगा। चौहान ने कहा कि करोना योद्धा की सूची के एकतरफा निर्णय से बहुत सी श्रेणियों में रोष है। इसका सीधा असर प्रदेश सरकार के प्रति देखने को मिल रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री जलशक्ति मंत्री, ऊर्जा मंत्री को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की मांग दी। इन्हें उन सभी श्रेणियों को योद्धा के तौर पर सम्मान देना चाहिए जो इस संकट में लगातार डयूटी पर ड्यूटी है। यदि सिर्फ अधिकारियों के एकतरफा आदेश ही अंतिम माने जाते रहे तो कर्मियों का मनोबल टूटता जाएगा। उन्होंने जलरक्षक, फिटर, पंप ऑपरेटर, वर्क इंस्पेक्टर, बेलदार, हेल्पर, ड्राइवर, विद्युत लाइनमैन, फोरमैन, इलेक्ट्रीशियन व कनिष्ठ अभियंता जैसी  श्रेणियों को करोना योद्धा का दर्जा देने की मांग उठाई।