जागरण संवाददाता, पालमपुर : ग्राम पंचायत बगौड़ा में फैले डायरिया के मामलों में टांडा भेजे गए पेयजल के सैंपल के फेल होने के बाद आइपीएच विभाग सतर्क हो गया है। ऐसे में विभाग के एसई एलएस ठाकुर ने स्वयं क्षेत्र का दौरा किया व पेयजल स्रोतों की जांच की। साथ ही अधिकारियों को भी दिशानिर्देश जारी किए। प्राकृतिक स्रोतों के सैंपल फेल होने पर अब बगौड़ा पंचायत में पेयजल किल्लत बढ़ गई है। हालांकि आइपीएच विभाग के अधिकारियों ने अपने स्तर पर गांव की बावड़ियों की क्लोरीनेशन करने की बात कही है। क्षेत्र में दूषित पानी पीने के कारण डायरिया फैलने की बात सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजे गए चार सैंपल फेल हो गए थे, जबकि आइपीएच विभाग के सैंपल सही पाए गए हैं। अधिकारियों की मानें तो विभाग क्लोरीनेशन के बाद ही लोगों को पेयजल आपूर्ति करवाता है। जो सैंपल भेजे गए है वे फेल गए थे, जबकि उस पानी का प्रयोग करने पर रोक लगाई गई है। अब बावड़ियों का पानी खराब होने की रिपोर्ट आने के बाद आइपीएच विभाग ने इसे अपने स्तर पर साफ करने का भी फैसला किया है। बुधवार को विभाग के उच्चाधिकारियों के जल स्रोत तक पहुंचने के बाद विभागीय अधिकारी मामले को और गंभीरता से ले रहे हैं। बहरहाल विभाग को अभी चंडीगढ़ और धर्मशाला भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार है। बगौड़ा के अलावा अब कुशमल गांव के लोग भी उल्टी व दस्त की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को गांव के कुछ उल्टी व दस्त के मरीज गोपालपुर अस्पताल पहुंचे थे।

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विभाग की ओर से भेजी गई पेयजल रिपोर्ट सही पाई गई है। बावड़ियों की रिपोर्ट खराब है। विभाग अपने स्तर पर इनकी क्लोरीनेशन करेगा। एसई साहब ने भी मौके का दौरा कर हालातों का जायजा लिया है।

- दिनेश लोहिया, एक्सईएन, आइपीएच पालमपुर

Posted By: Jagran

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