कुल्लू, संवाद सहयोगी। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव कुल्‍लू 15 अक्टूबर से आंरभ होगा। इस बार केवल देव मिलन ही उत्सव का आकर्षण होगा। पिछले कई वर्षों से जिला के देवी देवताओं के बैठने के लिए ढालपुर मैदान में स्थान चिह्नित किए गए हैं और इसका बकायदा नक्शा भी बनाया गया है। इस बार भी देवी-देवता ढालपुर मैदान में केवल अपने चिह्नित स्थान पर ही बैठेंगे। जो देवता पंजीकृत नहीं हैं और दशहरा में आ रहे हैं, वह अपना तिरपाल इत्यादि साथ लेकर आएंगे और बैठने के लिए ढालपुर मैदान में नया स्थल नहीं दिया जाएगा। वह अपने बैठने की जगह को ढालपुर मैदान से बाहर पूर्व की भांति स्वयं व्यवस्था कर लें। मैदान में जहां व्यापारिक गतिविधियां और प्रदर्शनियां लगती थी उस स्थल को पूरी तरह से खाली रखने का फरमान जारी किया गया है। यहां पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की किसी को भी इजाजत नहीं होगी। इसके लिए बकायदा प्रशासन ने एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है, जिसमें कारदारों को भी शामिल किया गया है जो बैरिकेडिंग देखेंगे।

ढालपुर मैदान में देव समाज से जुड़े सभी व्यक्तियों को जरूरी तौर पर मास्क का प्रयोग करना होगा। श्रद्धालुओं को भी दर्शन के लिए पंक्ति में एक निर्धारित दूरी पर खड़ा होने तथा मास्क अच्छे से पहनने को कहा गया है। दर्शन दीर्घा की बैरिकेडिंग करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं। कोरोना संक्रमण के प्रसार की आत्यधिक भीड़ के कारण आशंका रहती है और ऐसे में जरूरी है कि नियमों का सख्ती के साथ पालन किया जाए। जिन रास्तों से देवताओं के आने की संभावना है, वहां पर कोरोना नियमों का पालन सुनिश्चित बनाने के लिए टीमें लगाई गई हैं जो जरूरत पड़ने पर देवलुओं व कारकूनों को मास्क व सैनिटाइजर इत्यादि भी मुहैया करवाएंगी। इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

वैक्सीनेशन के लिए लगेगा काउंटर

ढालपुर मैदान में स्वास्थ्य विभाग के काउंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां लोगों को वैक्सीनेशन की सुविधा प्रदान की जाएगी। लोगों से अपील है कि जिन्हें पहली डोज प्राप्त किए 84 दिन की अवधि पूरी हो चुकी है, वे तुरंत से दूसरी डोज लगवा लें, तभी ढालपुर मैदान में उत्सव का आनंद उठा सकते हैं।

एक बजे से पहले देवता जाएं सुल्तानपुर

जब भगवान रघुनाथ सुल्तानपुर अपने निवास स्थान से ढालपुर मैदान के लिए रवाना होते हैं तो उस दौरान अन्य देवता रघुनाथ के मंदिर में न जाएं। मार्ग तंग होने के कारण भीड-भाड़ और यातायात जाम की समस्या हो जाती है। देवता रथ यात्रा के उपरांत अथवा एक बजे से पहले रघुनाथ के मंदिर के लिए जाएं।

क्‍या कहते हैं उपायुक्‍त

दशहरा उत्सव समिति के उपाध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग का कहना है दशहरा उत्सव में कोविड नियमों का पालन करना होगा। ढालपुर मैदान में किसी भी प्रकार की गतिविधियों की इजाजत नहीं होगी।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma