शिमला, राज्य ब्यूरो। विधानसभा अध्यक्ष विपिन ङ्क्षसह परमार का कहना है कि 13वीं विधानसभा के तहत 15 सत्र आयोजित हो रहा है। इस सत्र के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, सड़कों की स्थिति, युवाओं में नशे की बढ़ती लत, पुरानी पेंशन योजना(ओपीएस), पेयजल संकट सहित आम आदमी से जुड़े प्रश्न पूछे गए हैं। सत्र 10 से 13 अगस्त तक चलेगा। शिमला में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में परमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण के साथ-साथ मंकी पाक्स की दहशत है। ऐसे में सत्र में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहने और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करें। उन्होंने कहा कि नौ अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। जिसमें दोनों पक्षों के नेताओं से सदन के संचालन में सहयोग की अपील की जाएगी। विधानसभा की दर्शक दीर्घा में सुबह और दोपहर बाद 70-70 लोग बैठेंगे।

जिम्मेदारी मांग कर नहीं ली जा सकती

परमार ने कहा कि मैंने कभी जिम्मेदारी मांग कर नहीं ली है। मुझे संगठन की ओर से जो दायित्व दिया गया उसको निष्ठापूर्वक निभाया है। अध्यक्ष पद पर रहते मैंने बहुत कुछ सीखा है, इससे पहले सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए हिम केयर योजना को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में लागू किया गया।

टिकट तो आलाकमान तय करेगा

परमार ने कहा कि कोई लिखवाकर नहीं लाया है कि आजीवन चुनाव लड़ेगा। विधानसभा चुनाव के लिए टिकट आलाकमान तय करेगा। पूर्व मंत्री रङ्क्षवद्र ङ्क्षसह रवि द्वारा सुलह विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे की इच्छा को लेकर परमार से प्रश्न किया गया था। कुछ लोगों का काम कुर्सी हथियाने का है, मेरा हमेशा जिम्मेदारी निभाना रहा है।

मुझे बाहर मत कर देना...

अभी पत्रकार वार्ता शुरू भी नहीं हुई थी कि मीडिया कर्मियों की ओर से परमार को इधर-उधर होने को कहा गया, ताकि कैमरा फ्रेम बन सके। इस पर उन्होंने मजाक में कहा कि मुझे बाहर मत कर देना।

चार दिन के सत्र में ये विशेष

चार दिन के मानसून सत्र के दौरान कुल 367 प्रश्न पहुंचे हैं। जिनमें से तारांकित प्रश्नों की संख्या 228 है ओर 167 आन लाइन मिले और 61 प्रश्न आफ लाइन। अतारांकित प्रश्नों में कुल 139 में से 85 प्रश्न आनलाइन मिले। नियम 62 के तहत दो प्रस्ताव आए, नियम 130 में तीन, नियम 101 में एक प्रस्ताव आया है।

Edited By: Neeraj Kumar Azad