धर्मशाला, मुनीष गारिया। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने वार्षिक परीक्षा की तैयारियों तेज कर दी हैं। इस बार शिक्षा बोर्ड ने कुछ अहम फैसले भी लिए हैं। इस बार हर परीक्षा केंद्र में तकनीकी निरीक्षक की तैनाती होगी। इनका काम केंद्र में लगाए सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का डाटा सुरक्षित रखना होगा और  फ्लाइंग टीम के आने पर ये केंद्र की पुरानी रिकॉर्डिंग भी बताएंगे। बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों में क्यूआर कोड व आइपी नंबर कार्यालय में रखे हैं। इनकी मदद से बोर्ड अधिकारी व कर्मचारी किसी भी समय किसी भी केंद्र की सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं।

उपप्रधानाचार्य के नेतृत्व में बनेगी फ्लाइंग टीमें

एक पेपर के दौरान एक केंद्र में अधिकतम दो ही फ्लाइंग टीमें जा सकती हैं। वहीं इस बार जिलास्तर पर उपप्रधानाचार्य के नेतृत्व में फ्लाइंग टीम गठित की जाएंगी। उपप्रधानाचार्य के अलावा वरिष्ठ प्रवक्ता एवं लेक्चरर, वरिष्ठ टीजीटी व वरिष्ठ सीएंडवी शिक्षक शामिल होंगे। इसके अलावा जिलास्तर की सभी फ्लाइंग टीमों के नोडल अधिकारी एडीएम होंगे।

उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन मानदेय बढ़ाया

उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इस बार भी 53 स्थल स्थापित किए जाएंगे। केंद्रों को मूल्यांकन के लिए इस बार तीन हजार रुपये प्रति केंद्र दिए जाएंगे, जो इससे पूर्व 15 सौ रुपये थे। इसके अलावा उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन दर में भी वृद्धि की गई है। जमा दो की उत्तर पुस्तिका की जांच करने वाले शिक्षकों को प्रति उत्तर पुस्तका साढ़े नौ रुपये से बढ़ाकर साढ़े 10 जबकि दसवीं का मानदेय 7.75 रुपये से बढ़ाकर 8.75 रुपये कर दिया है।

सावित्रीबाई फुले के बारे में जानेंगे विद्यार्थी

मार्च में होने वाली बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं के दौरान इस बार सावित्रीबाई फुले के बारे में विद्यार्थियों को बताया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड ने नकल रोकने एवं परीक्षा में निष्पक्षता को लेकर अन्य परिर्वतन भी किए हैं। दसवीं व जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं चार मार्च से शुरू हो रही हैं। पिछली बार बोर्ड ने प्रदेशभर में 1980 परीक्षा केंद्र बनाए थे, जबकि इस बार अभी केंद्र स्थापित करने व उडऩदस्ता टीम की गठन की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन यह स्पष्ट है कि इस बार महिला परीक्षा केंद्र एवं सावित्रीबाई फुले परीक्षा केंद्र 53 ही होंगे।

बोर्ड परीक्षा की तैयारियां जोरों पर

वार्षिक परीक्षाओं के संचालन की तैयारियां चल रही हैं। देश की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के योगदान से छात्रों को अवगत करवाने के लिए महिला केंद्रों में उनकी फोटो सहित इतिहास व उपलब्धियां बताई जाएंगी। इसके अलावा अन्य तैयारियां भी बोर्ड की ओर से की गई हैं। -डॉ. सुरेश कुमार सोनी, अध्यक्ष स्कूल शिक्षा बोर्ड।

Posted By: Rajesh Sharma

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