शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमफैड इस बार 30 हजार मीट्रिक न सेब की खरीद करेगा, जो पिछले वर्ष से 11 हजार मीट्रिक टन अधिक होगा।

हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना यानी एमआइएस के तहत हिमफैड को 122 एकत्रीकरण केंद्र दिए गए हैं। इनपर सेब खरीदने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए 23 इंचार्ज तैनात किए हैं जो देख रेख करेंगे।

एमआइएस के तहत 9.50 रुपये प्रति किलो दाम तय किए गए हैं, जो पिछले वर्ष से एक रुपये अधिक है। विजिलेंस टीमें भी तैयार कर दी हैं जो बागवानेां से सी ग्रेड के सेबों की खरीद की प्रक्रिया की देख रेख करेंगे।

प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत कम पका, अधिक पका, सड़ा, गला, झड़ा व पक्षियों का खाया हुआ सेब नहीं खरीदा जाएगा। इसी प्रकार फंगस युक्त तथा स्कैबयुक्त सेब भी नहीं खरीदा जाएगा। सरकार द्वारा विशेष पैङ्क्षकग सामग्री बोरियां दी गई हैं, जिसमें 35 किलो सेब भरा जाएगा तथा बोरी का वजन अलग से होगा। सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार केवल साफ सुथरा सी ग्रेड का सेब ही केंद्र पर लाएं। नहीं तो असुविधा होगी।

सेब सीजन, नशा व कोरोना की रोकथाम को सजग रहे पुलिस

शहर से लेकर जिला भर में नशा की खेप को पड़कने से लेकर नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए शिमला पुलिस विशेष मुहिम चलाएगी। एसपी शिमला मोहित चावला ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक ली। इसके साथ ही उन्होंने सेब सीजन के दौरान बागवानों को किसी तरह की पेरशानी हो तो उनकी शिकायत पर तुरंत ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। सेब सीजन के दौरान ट्रेफिक को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। जिला में बढ़ रहे नशे के मामलो को लेकर पुलिस सख्त हो गई है। वही अगले तीन महीने सेब सीजन रहेगा। ऐसे में बागवानों के साथ ठगी न हो और उन्हें कोई परेशानी न हो इसके लिए पुलिस ने व्यवस्था बनाये रखनी होगी। वहीं एसपी ने नशे पर नकेल कसने के लिए युवाओं को जागरुक करने के निर्देश भी दिए।

Edited By: Virender Kumar