राज्य ब्यूरो, शिमला : इलेक्ट्रिक वाहनों के मामलों में हिमाचल देशभर के राज्यों के लिए नई पहल कर माडल राज्य बनेगा। पहाड़ी राज्य होने के बावजूद यह इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनेगा। इस संबंध में मंगलवार को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इलेक्ट्रिक व्हीकल पालिसी के ड्राफ्ट को मंजूरी प्रदान की गई। इस ड्राफ्ट पालिसी के अनुसार शिमला, धर्मशाला और बद्दी माडल ईवी टाउन बनेंगे। इसके अलावा विशेष ईवी पार्क भी स्थापित होंगे।

लोगों को सस्ती एवं टिकाऊ , पर्यावरण फ्रेंडली तकनीक प्रदान की जाएगी। वर्ष 2025 तक का लक्ष्य तय कर दिया है। इसके तहत 2025 तक 50 हजार टू व्हीलर, 15 हजार फोर व्हीकल, 500 थ्री व्हीलर वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। ऐसे वाहन हिमाचल में ही तैयार होंगे। यहां मेनुफैङ्क्षक्चग यूनिटें स्थापित होंगी। अभी हिमाचल पथ परिवहन निगम के पास 75 बसें, 50 टैक्सियां इलेक्ट्रिक हैं। अब सरकार की नई पहल से न केवल इंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण का भी संरक्षण होगा। लोगों की जेब पर भी इंधन पर भार नहीं पड़ेगा। नेशनल हाइवे और स्टेट पर २५ किलोमीटर के दायरे में चार्जिंग स्टेशन होंगे। बिजली बोर्ड इनके लिए नाडल एजेंसी होगी। सबसिडी प्रति किलो वाट के हिसाब तय होगी। कितनी होगी, अभी यह तय नहीं हुआ है। मामला वित्त विभाग के पास भेजा जाएगा।

रोजगार मिलेगा

पालिसी के मुताबिक जैसे ही मांग बढ़ेगी, वैसे ही ज्यादा उद्योग खोले जाएंगे। इन उद्योगों के माध्यम से लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जगह- जगह पर चार्जिंग प्वाइंट होंगे, ताकि वाहनधारक उन्हें वहां चार्ज कर सकेंगे। बिजली बोर्ड यह कार्य देखेगा।

पुराने वाहन इलेक्ट्रिक में होंगे तब्दील

अभी इंधन से चलने वाले वाहनों को इलेक्ट्रिक में तब्दील किया जा सकेगा। इसके बदले में ऐसे वाहनों के बदले प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।

लोगों को करेंगे जागरूक

प्रदेश में केंद्र सरकार की नीति को बढ़ावा मिलेगा। परिवहन निदेशक अनुपम कश्यप के अनुसार नई पालिसी से पर्यावरण की रक्षा हो सकेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण करने वाले उद्योगों में रोजगार मिलेगा। हिमाचल में कुछ लोगों ने निजी वाहन भी इलेक्ट्रिक रखे हैं। इनका पंजीकरण आरंभ हो गया है। अब बढ़ावा मिलेगा। ऐसे वाहनों की खरीद पर टोकन टैक्स से पहले ही छूट प्रदान की गई है। नई तकनीक ग्रहण करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।

Edited By: Neeraj Kumar Azad