शिमला, राज्य ब्यूरो। प्रदेश के राशन डिपुओं में अब प्रदेश के किसानों की ओर से उत्पादित चावल व गेहूं सस्ते दाम में उपलब्ध करवाई जाएगी। दूसरे राज्यों से खरीद फरोख्त को खत्म कर दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने यह बड़ा फैसला धान उगाने वाले किसानों को राहत देने के लिए किया है। सरकार की यह मुहिम राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति को ठीक करने को लेकर की गई है।

बताया जा रहा है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग 19.50 रुपये की एमएसपी दर पर किसानों से धान खरीदेगा। विभाग 15 अक्टूबर से किसानों से धान खरीदने की प्रक्रिया को शुरू कर रहा है। इसके लिए प्रदेश में पहली बार चार केंद्र खोलने की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया है। गेहूं को एमएसपी पर खरीदने के बाद विभाग ने किसानों को राहत और सुविधा देने के लिए केंद्र सरकार के एमएसपी रेट पर धान खरीदने का निर्णय लिया है, जिसकी तैयारी विभाग ने कर दी है। उल्लेखनीय है कि केंद्र के सुझाव पर ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग यहां पैदा होने वाले धान को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लोगों को देने की तैयारी में है। इससे जहां विभाग का यातायात का खर्चा बचेगा। वहीं, राशन लेकर बाहर से आने वाली गाडिय़ों की आवाजाही रुकेगी। प्रदेश में प्रदूषण को बढऩे से रोकने में मदद मिलेगी। तीसरा, यहां के किसानों को उनकी मेहनत और पैदावार बेच कर अच्छी आय होगी और लोगों को भी क्वालिटी का अनाज मिलेगा।

50 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य

खाद्य आपूर्ति विभाग ने किसानों से 50 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए विभाग ने पांवटा, नालागढ़, कांगड़ा और ऊना में धान खरीद केंद्र खोल दिए हैं। विभाग पांवटा में चावल मिल में इसे रिफाइन करके इसे उपयोग योग्य बनाएगा। उसके बाद यहीं से सस्ते राशन के डिपुओं में भेज कर पीडीएस के तहत दिए जाने वाले राशन के रूप में आवंटित करेगा।

Edited By: Vijay Bhushan