शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Pradesh Sixth Pay Commission, छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से बढ़ा वेतन चुकाने के लिए मौजूदा राज्य सरकार 1000 करोड़ रुपये का इंतजाम तो कर लेगी, लेकिन एरियर का भुगतान करने अगली सरकार को ही करना पड़ेगा। इस वित्त वर्ष के फरवरी व मार्च के लिए सरकार को 500-500 करोड़ रुपये का कर्ज उठाना पड़ेगा, क्योंकि बढ़े हुए वेतन की अदायगी फरवरी और मार्च में होनी है। इन दो माह के लिए सरकार को एक हजार करोड़ रुपये जुटाना मुश्किल काम नहीं है। मुसीबत तो उसके बाद आने वाली है। जब अगले वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सालाना छह हजार करोड़ रुपये का वेतन भुगतान करने के लिए अतिरिक्त बजट चाहिए होगा। वित्त विभाग की ओर से सोमवार को वेतन नियम बन जाएंगे और मंगलवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति के लिए रखे जाएंगे।

सरकार ने कर्मचारियों को छठा वेतन आयोग देकर खुश कर दिया है। असल सवाल यह कि जनवरी, 2016 से जनवरी, 2022 तक का एरियर भुगतान किसे होगा। सरकार एक किश्त में कर्मचारियों को एरियर का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है। इससे स्पष्ट है कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद जीतकर आने वाले दल की सरकार को एरियर की दूसरी किश्त का भुगतान करने के लिए बजट का इंतजाम करना होगा।

5वें वेतन आयोग का एरियर पांच किश्त में दिया था

धूमल सरकार ने 5वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर कर्मचारियों को एरियर का भुगतान पांच किश्त में किया था। पड़ोसी पंजाब सरकार ने कर्मचारियों को दस किश्तों में एरियर भुगतान करने की घोषणा की है। इसलिए मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भी एरियर की एक ही किश्त का भुगतान हो पाएगा। उसके बाद विधानसभा चुनाव में जीतकर आने वाली सरकार को शेष एरियर का भुगतान करना पड़ेगा। यानी प्रदेश में भी कर्मचारियों को एरियर का भुगतान दस किश्त में मिलने की संभावना है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma