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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में शिक्षा संवाद कार्यक्रम आज, अभिभावक देंगे पढ़ाई को लेकर फीडबैक

By Rajesh Kumar SharmaEdited By:
Published: Mon, 28 Feb 2022 06:49 AM (IST)Updated: Mon, 28 Feb 2022 07:55 AM (IST)

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राज्य के सरकारी स्कूलों में आज (28 फरवरी सोमवार) को स्कूल शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
राज्य के सरकारी स्कूलों में आज (28 फरवरी सोमवार) को स्कूल शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

शिमला, जागरण संवाददाता। Himachal Pradesh School News, राज्य के सरकारी स्कूलों में आज (28 फरवरी सोमवार) को स्कूल शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा संवाद कार्यक्रम में स्कूलों में शिक्षण कार्यों को रोचक बनाने पर चर्चा की जाएगी। इसको लेकर विभाग अभिभावकों की राय लेगा। कोरोना काल में यह संवाद कार्यक्रम शुरू किया गया था। इस साल इसका तीसरा चरण है। शिक्षक अभिभावकों से पूछेंगे कि शिक्षा के स्तर को कैसे बनाया जा सकता है। पढ़ाई के तरीके को कैसे और रुचिकर बनाया जा सकता है। हर स्कूल में यह कार्यक्रम आयोजित होगा।

कार्यक्रम के बाद स्कूल प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक इसकी रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजेंगे। इसमें बताना होगा कि कितने शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और उनके क्या सुझाव हैं। कोरोना काल में स्कूल बंद थे और पढ़ाई पूरी तरह से आनलाइन करवाई गई थी। उस वक्त विभाग ने शिक्षा संवाद कार्यक्रम शुरू किया था। इस साल स्कूल खुल गए हैं और क्लासरूम में जाकर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षक भी अभिभावकों के साथ कोरोना काल में बच्चों में क्या कमियां रह गई है, किस विषय में वे कमजोर हैं, उसे कैसे दूर किया जा सकता है इस पर चर्चा करेंगे।

इसके अलावा स्कूल शिक्षा संवाद कार्यक्रम में आफलाइन शिक्षण सीखने की प्रक्रिया के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए माता-पिता की भूमिका, विद्यार्थियों के पढ़ने की सामग्री, निपुण भारत के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन) का कार्यान्वयन कार्यक्रम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, मूल्यांकन की ग्रेडिंग प्रणाली, विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम की असेसमेंट के साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आंकलन में सीखने के अंतराल की पहचान और खराब प्रदर्शन के कारणों का पता लगाना जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

इसके अलावा विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी अभिभावकों से सुझाव लिए जाएंगे। वहीं मोबाइल के उचित उपयोग और दुरुपयोग के बारे में भी माता-पिता को जागरूक किया जाएगा। अतिरिक्त निदेशक उच्चतर शिक्षा संजीव सूद की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के उपनिदेशकों को पत्र जारी किया गया है।

डाईट प्रधानाचार्य करेंगे स्कूलों के साथ समन्वय स्थापित

कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए सभी जिलों के डाईट यानी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य स्कूलों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। इसमें किस स्कूल में कार्यक्रम आयोजित हुआ, कितने अभिभावक इसमें भाग लेने आए इसकी बाकायदा रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।