शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Police Constable Paper Leak, हिमाचल प्रदेश में हुए पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के पेपर लीक मामले के किंगपिन अभी अन्य राज्यों में छिपे हुए हैं। इन पर कई परीक्षाओं के पेपर लीक करवाने में संलिप्त होने के संगीन आरोप हैं। आशंका है कि ये हिमाचल में काफी समय से सक्रिय थे। राज्य पुलिस का दावा है कि पुलिस जल्द ही इनकी गिरफ्तारी करेगी। सीबीआइ जांच से पूर्व पुलिस और सक्रिय हो गई है। इस संबंध में डीजीपी संजय कुंडू ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार के पुलिस महानिदेशकों, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से बात की और उनसे जांच में सहयोग मांगा।

इस मामले में सरकार ने सीबीआइ जांच की सिफारिश की है। लेकिन अभी केंद्रीय जांच एजेंसी ने जांच अपने अधीन नहीं ली है। अब हिमाचल पुलिस की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार के पुलिस महानिदेशकों, दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने अपने राज्यों से संबंधित सरगनाओं को गिरफ्तार करने में सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।

राज्य पुलिस के अनुसार कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने एक संगठित अपराध बन गया है और किंगपिन इस अपराध में लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकों का उपयोग करते हैं। कोचिंग कक्षाओं और एजेंट के नेटवर्क के माध्यम से संभावित उम्मीदवारों की पहचान कर पैसे के हिसाब से प्रश्नपत्र लीक कर लेते हैं। हर हफ्ते पता लगाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने फोन और सिम बदलते हैं।

शिवबहादुर ने किए कई पेपर लीक

वाराणसी से गिरफ्तार सरगनाओं में से एक शिव बहादुर सिंह पेपर लीक के कई मामलों में संलिप्त रहा है। जेबीटी से लेकर टीजीटी समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने को लेकर कई राज्यों में कई मामले दर्ज हैं।

राजस्थान का कर्मचारी भी संलिप्त

अर्की से गिरफ्तार दो एजेंटों के तार राजस्थान से पाए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पेपर लीक मामले में राजस्थान का एक कर्मचारी भी शामिल है। यह कभी सोलन जिले में तैनात रहा।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma

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