मंडी, जागरण संवाददाता। Himachal Pradesh News, हिमाचल प्रदेश में मुख्‍यमंत्री स्‍वावलंबन योजना बेरोजगार सहित अन्‍य लोगों के लिए कारगर‍ सिद्ध हो रही है। हिमाचल सरकार की इस योजना के तहत बेरोजगार युवा आत्‍मनिर्भर बन रहे हैं। बेंगलुरु जैसे शहर में लाखों की नौकरी छोड़ स्वरोजगार अपना नेरचौक के संजना और सिद्धार्थ ने स्वरोजगार का स्वाद चखा है। फिजिक्स स्नातक 43 वर्षीय संजना शर्मा और इंजीनियर पति 47 वर्षीय सिद्धार्थ निजी क्षेत्र में कार्यरत थे और सालाना 20 से 25 लाख तक का पैकेज दोनों का था, लेकिन अपने गांव में रहकर काम करने की इच्छा उन्हें नेरचौक ले आई ओर दोनों ने 'दी रॉयल कैस्केड्' नामक रेस्टोरेंट लुणापानी में शुरू किया। इस सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना इनकी मददगार बनी।

लुणापानी में इनके रेस्टोरेंट में उत्तर और दक्षिण भारतीय के व्यंजनों सहित चाइनीज खाना भी मिलता है। स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इसका स्वाद चख इसकी तारीफ कर चुके हैं। रेस्टोरेंट से अभी लागत निकाल के करीबन 80 हजार रुपये महीने की आमदनी हो रही है। बकौल संजना मन में था कि अपने गांव व लोगों के लिए कुछ काम करेंगे। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की जानकारी मिली। दोनों अपनी नौकरी छोड़कर नेरचौक आए तो साल 2021 के दिसंबर में मनाली चंडीगढ़ राष्ट्रीय उच्चमार्ग पर लुणापानी में 'दी रॉयल कैस्केड्' नाम से रेस्टोरेंट 1500 स्कवेयर मीटर में आरंभ किया।

मुख्‍यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 11.50 लाख रुपये के लोन का केस बनाया। इसमें साढ़े तीन लाख रुपये का अनुदान मिला। अब 11 अन्य लोगों को रोजगार भी दिया है, जिनमें 3 स्थानीय महिलाएं भी हैं। संजना व सिद्धार्थ सरकार का आभार जताते हुए कहते हैं कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने युवा शक्ति के लिए बहुत अच्छी योजना आरंभ की है। युवा नौकरी लेने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनकर प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर सकते हैं।

जिला उद्योग केंद्र मंडी के प्रबंधक विनय कुमार ने बताया जिला मंडी में 667 लाभार्थियों को 23.78 करोड़ के ऋण अभी तक मिल चुके हैं।

उपायुक्‍त मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा उद्योग विभाग की मदद से मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में अधिक से अधिक लोगों को फायदा पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं, ताकि युवा स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनें और देश समाज की मजबूती में सहायक हों।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma