नाहन, राजन पुंडीर। Jagannath Rath Yatra Nahan, उत्तर भारत के सबसे प्राचीन मंदिर श्री जगन्नाथ भगवान की रथ यात्रा का रविवार को आयोजन किया गया। इस रथ यात्रा पर भगवान जगन्नाथ के विग्रह को मंदिर से ऐतिहासिक चौगान मैदान मैदान तक पालकियों में लाया जाता है। उसके बाद भगवान को रथ पर आरूढ़ करवाया जाता है। उसके बाद पूरे शहर की परिक्रमा होती है। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान नाहन में हिंदू, मुस्लिम, सिख व इसाई सभी धर्मों के लोग जगह-जगह यात्रा का भव्य स्वागत करते हैं।

देर रात से लगी बारिश करीब 8:00 बजे बंद हुई। जिसके चलते यात्रा 9:00 बजे शुरू हुई। जो शाम तक पूरे शहर की परिक्रमा करती है। भगवान जगन्नाथ की पालकियों का ऐतिहासिक श्री दशमेश अस्थान गुरुद्वारा नाहन के समीप सिख समुदाय के लोगों ने रथयात्रा का स्वागत किया। इसके साथ ही सिख युवकों ने गतका का प्रदर्शन भी किया।

उसके बाद यात्रा आगे बढ़ते हुए नए बाजार होते हुए यात्रा अब चौहान मैदान में पहुंची, जहां पर भगवान जगन्नाथ के परिधान बदलाए गए। उसके बाद उन्हें रथ पर आरूढ़ किया गया। इसके बाद उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से पहुंचे भक्‍तों ने रथ को खींचा। रथयात्रा के दौरान भक्‍तों ने जगन्नाथ जी के भजनों से यात्रा को और भक्तिमय बना दिया। यात्रा में जिला सिरमौर सहित हरियाणा, पंजाब व उत्तराखंड से भी कई श्रद्धालु पहुंचे।

नाहन में भगवान जगन्‍नाथ की रथयात्रा के दौरान जामा मस्जिद के बाहर फल बांटते मुस्लिम समुदाय के लोग। जागरण

 

14 साल से हो रहा बड़े स्‍तर पर आयोजन

कई वर्ष से नाहन में भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकाली जाती है। श्री जगन्नाथ मंदिर बड़ा चौक नाहन से भव्य रथयात्रा शुरू होती है। रथयात्रा श्रद्धालुओं के नाच-गाने के साथ आगे बढ़ती है। रथयात्रा का ऐतिहासिक श्री दशमेश अस्थान गुरुद्वारा में सिख समुदाय के लोगों की ओर से स्वागत किया जाता है। जामा मस्जिद के समीप मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रथयात्रा का स्वागत किया जाता है। यह रथयात्रा 2009 से बड़े स्तर पर निकाली जा रही है।

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर स्थित नाहन शहर में धार्मिक सद्भाव की तस्‍वीर दिखी। भगवान जगन्‍नाथ की रथयात्रा के दौरान मुस्लिक सहित सिख समुदाय के लोग भी शामिल हुए। इन्‍होंने भगवान की रथयात्रा का स्‍वागत किया व श्रद्धालुओं को फल बांटे।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma