धर्मशाला, जेएनएन। बड़ी मुश्किल से जमा दो पास केतन चौधरी फर्जी तरीके से युवाओं को नौकरियां दिलाने का काम करता था। यही नहीं किस युवा से किस स्तर की परीक्षा कैसे पास करवानी है, युवाओं से बातचीत और लेन-देन से सारी बात केतन चौधरी ही किया करता था। फर्जी तरीके से नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले लगभग किसी भी व्यक्ति ने आज दिन तक विक्रम चौधरी का चेहरा नहीं देखा था, सारी डील केतन के सहारे ही होती थी।

केतन ने क्षेत्र से ही एक सरकारी स्कूल से जमा दो की परीक्षा पास की है।

बताया जा रहा है कि वह बोर्ड परीक्षा के दौरान एक बार फेल भी हुआ था। परीक्षा पास करने के बाद दो तीन साल कुछ घर में बेरोजगार ही बैठा था। इसके बाद वह विक्रम के संपर्क में आया। खुद युवा चेहरा था तो शुरुआत में विक्रम उसे मोहरा बनाकर युवाओं से बातचीत के लिए भेजता था। इसके बाद केतन सरगना का सदस्य बन गया। बड़ी बात तो यह है कि खुद जमा दो पास केतन ही तय करता था कि किस स्तर की भर्ती की परीक्षा पास करवाने के लिए किस राज्य से किस स्तर के सॉल्वरों को बुलाया जाएगा।

नौ पुलिस जवानों के खिलाफ हो चुकी है एफआइआर

विक्रम चौधरी का सहारा लेकर फर्जी तरीके से भर्ती हुए नौ पुलिस कर्मियों के खिलाफ पालमपुर, धर्मशाला और भवारना थाने में केस दर्ज हो चुके हैं। विक्रम ने 2012 में एक, 2015 में 2 और 2017 में हुई पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा में छह युवाओं को हाइटेक नकल और दूसरे व्यक्ति से पेपर दिलाकर पास करवाया था।  पुलिस थानों में सुशील निवासी लुधियाड़ जवाली, विनोद कुमार निवासी फारियां तहसील जवाली, संदीप सपहिया निवासी सरोला तहसील जवाली, रिक्की चौधरी निवासी सियाल तहसील फतेहपुर, संपत निवासी सियाल तहसील फतेहपुर, रवि निवासी लुधियाड़ तहसील जवाली, मनजीत ङ्क्षसह निवासी लुधियाड़ तहसील जवाली, मुकेश निवासी लुधियाड़ तहसील जवाली व अमरजीत निवासी फारियां तहसील जवाली पर धोखाधड़ी के आरोप में एफआइआर दर्ज हुई है। ये जवान तीन बटालियनों में तैनात हैं।

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