शिमला, जेएनएन। नीति आयोग के मानकों के आधार पर स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में हिमाचल का कोई भी जिला 100 में से 50 फीसद अंक भी हासिल नहीं कर सका है। ये अंक स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं। इसमें सभी जिलों में संचालित किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सुविधाओं का नीति आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसमें बिलासपुर जिला प्रदेश में 47.78 अंकों के साथ प्रथम स्थान पर, जबकि लाहुल स्पीति 27.25 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने जिलों की रैंकिंग जारी करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि देश के सभी राज्यों में हिमाचल को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अव्वल लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष इस तरह का जिला आधार पर मूल्यांकन करेगा और इसे अधिकारियों की एसीआर का हिस्सा बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नीति आयोग द्वारा जारी की गई सभी राज्यों की रैंकिंग में हिमाचल पांचवें से छठे स्थान पर पहुंच गया है। जिलों की रैंकिंग तैयार करने के लिए 10 मानकों का मूल्यांकन किया गया।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए मूल्यांकन में जनजातीय जिला चंबा में बहुत अधिक कमियां पाई गई हैं। वहां पर चलाए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों का ऑनलाइन डाटा तैयार नहीं किया जा रहा है और इसके अलावा चिकित्सकों की कमी के साथ अन्य सुविधाओं का भी अभाव है। लाहुल स्पीति में घरों के बहुत अधिक दूरी पर होने के कारण और उपकरणों के साथ अन्य सुविधाओं की कमी सामने आई है। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए रिक्त पदों को भरने के साथ स्वास्थ्य संस्थानों में ऑनलाइन डाटा प्रक्रिया को तीव्र गति से चलाया जाएगा। शनिवार को सभी सीएमओ, अस्पतालों के चिकित्सक अधीक्षकों व कार्यक्रम अधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर विशेष सचिव स्वास्थ्य व मिशन निदेशक एनएचएम निपुण जिंदल, स्वास्थ्य निदेशक व स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मौजूद थे।

12 जिलों की रैंकिंग और अंक

जिला,अंक,रैंक

बिलासपुर,47.78,1

सोलन,45.77,2

मंडी,44.65,3

किन्नौर,44.48,4

हमीरपुर,44.30,5

ऊना,42.88,6

सिरमौर,41.67,7

कांगड़ा,41.40,8

शिमला,39.35,9

कुल्लू,39.22,10

चंबा,37.78,11

लाहुल-स्पीति,27.25,12

ये था मूल्यांकन का आधार

जिलों के मूल्यांकन स्वास्थ्य सुविधाओं व स्वास्थ्य कार्यक्रमों का कार्यान्वयन के आधार पर किया गया। इनमें राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, अस्पतालों में मौजूद विशेषज्ञ चिकित्सक व स्टाफ। दी जा रही सुविधाएं, केंद्र व प्रदेश द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की स्थिति। शिशु मृत्यु दर, जिलों में संस्थागत प्रसव और उनकी ऑनलाइन डाटा रिपोर्ट इत्यादि।

Posted By: Rajesh Sharma

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