शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Tourism News, हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर खेतीबाड़ी की तस्वीर संवारने की कोशिशों में जुटी प्रदेश सरकार ने अब कृषि और उद्यान को पर्यटन से जोडऩे का निश्चय किया है। सरकार की इस योजना के धरातल पर उतरने पर न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि दोगुना भी होगी। कृषि विभाग ने कृषि व उद्यान को पर्यटन से जोडऩे के लिए एग्रो व फार्म पर्यटन योजना की तैयारियां शुरू की हैं। सरकार के इस निर्णय से पर्यटन विकास को भी गति मिलेगी। इस योजना को मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत वित्तपोषित किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश में फार्म हाट विकसित किए जाएंगे जो पर्यटकों को लुभाएंगे।

पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि देश के महानगरों से हर साल लाखों पर्यटक हिमाचल पहुंचते हैं। इन पर्यटकों को खेती व बागवानी की जानकारी नहीं होती है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की ठानी है। इसी कड़ी में प्रदेश में भी केंद्र की मदद से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत युवाओं को पर्यटन के साथ अन्य स्वरोजगार की गतिविधियों के लिए उपदान पर ऋण मुहैया करवाया जा रहा है।

एग्रो व फार्म पर्यटन योजना को मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत वित्त पोषण की व्यवस्था की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बिलासपुर जिला के भराड़ीघाट में पहला फार्म हाट विकसित किया जाएगा। एग्रो पर्यटन विकास की योजना के तहत प्रदेश में सेब व अन्य फलों के अच्छे बागानों व फार्म हाउसों में पर्यटकों को सैर सपाटे की तैयारी है।

किसान हाट भी बनेंगे

प्रदेश में किसान हाट भी बनाए जाएंगे। एग्रो व फार्म पर्यटन योजना के तहत बागानों व फार्म हाउसों के साथ किसान हाट में सैलानियों के आने से ग्रामीण इलाकों में पर्यटन विकसित होगा, जिससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सैलानियों को चाय बागानों के अलावा प्रदेश के सेब उत्पादक क्षेत्रों में भी बागानों की सैर करवाई जाएगी। ग्रामीण पर्यटन की इस अवधारणा को धरातल पर उतारने के मद्देनजर बागानों व फार्म हाउसों में पर्यटकों के ठहरने के लिए भी बंदोबस्त किए जाएंगे।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma