शिमला, जेएनएन। कोरोना संकट से कैसे निपटें, इस पर राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। सत्र बुलाए जाने या न बुलाए जाने पर 23 मई की मंत्रिमंडल बैठक में फैसला हो सकता है। सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी दल दोनों ने सरकार ने सत्र बुलाए जाने का आग्रह किया है, ताकि इस मसले पर अहम चर्चा हो सके। इस संबंध में बुधवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताअों ने विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार से मुलाकात की। परमार ने इसकी पुष्टि की है। अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर दो या तीन दिन का विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग की गई है।

दोनों पक्षों ने की मुलाकात

बुधवार को नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सहित सत्ता पक्ष व विपक्ष के 17 सदस्य विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार के पास पहुंचे। इस दौरान दो से तीन दिन का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया। उन्होंने मांग की है कि इस सत्र में सिर्फ कोरोना से प्रदेश में पैदा हुए हालात पर ही चर्चा की जाए। उल्लेखनीय है कि विधानसभा का बजट सत्र काेराेना संकट काे देखते हुए बीते 23 मार्च काे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था। उसी रोज ही सरकार ने लाॅकडाउन का ऐलान कर दिया था, जबकि बजट सत्र दाे अप्रैल तक चलना था।

राजनीति से ऊपर उठकर सार्थक चर्चा की जरूरत

कोरोना महामारी के बीच दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सार्थक चर्चा करने की जरूरत है। इसी संबंध में विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र दिया है और उस पर उचित कदम उठाने का आग्राह किया है। विपक्ष ने बीते मार्च के हुए बजट सत्र में भी कोविड-19 पर चर्चा की मांग की थी लेकिन किसी कारणवश कोरोना पर चर्चा नहीं हो सकी। ऐसे में अब दाे या तीन दिन को विशेष सत्र बुलाया जाए, ताकि पूरी स्थिति पर चर्चा हो सकी। सरकार का जो पक्ष है, वह भी जनसाधारण को पता लग सके। -मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष।

विपक्ष कर रहा सियासत : जयराम ठाकुर

सीएम जयराम ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष पर काेराेना संकट में भी राजनीति करने का अाराेप लगाया है। उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने को लेकर पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि नेता प्रतिपक्ष सिर्फ और सिर्फ राजनीति कर रहे ह नेता प्रतिपक्ष से वे यही कहना चाहते है कि पूरे देश में ही नहीं दुनिया में कोरोना फैला हुआ है। वे ऐसा कौन सा ऐसा इलाज ढूंढ़ कर लाए हैं, जिससे इसका इलाज हो सकता है। व्यवस्थाओं में हिमाचल बाकी राज्यों की तुलना में बेहतर है। संकट की इसी घड़ी में अनावश्यक रूप से राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

किया जा रहा है विचार

सत्तापक्ष अाैर विपक्ष के सदस्याें ने एक प्रस्ताव मुझे साैंपा है। इसमें अाग्रह किया है कि काेविड-19 पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया जाए। सभी पहलुअाें काे ध्यान में रखते हुए इस पर विचार-विमर्श होगा। -विपिन परमार, विधानसभा अध्यक्ष।

 

Posted By: Rajesh Sharma

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