शिमला, राज्य ब्यूरो। निजी बस ऑपरेटरों ने दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। अब ऑपरेटरों की निगाहें बुधवार को हाेने वाली मंत्रिमंडल बैठक पर टिकी है। इसमें सरकार इन ऑपरेटरों को राहत दे सकती है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर कसरत आरंभ हो गई है। कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। अगर मंत्रिमंडल बैठक में इनके हित में बड़ा फैसला नहीं होता है तो ये वीरवार से उग्र आंदोलन करेंगे। निजी बस ऑपरेटर संघ ने उस सूरत में आत्मदाह जैसा सख्त कदम उठाने की भी चेतावनी दी है। हालांकि यह चेतावनी सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति की हिस्सा मानी जा रही है।

संघ के महासचिव रमेश कमल के अनुसार अगर अब भी बैठक में राहत न दी तो वे हरेक जिले में एक- एक बस को आग के हवाले कर देंगे। संघ ने दावा किया है कि कोरोना काल में पंजाब सरकार ने ऑपरेटरों को ताजा राहत दी है। एसआरटी टैक्स को दिसंबर 2020 महीने तक माफ कर दिया है और इस साल भी राहत देने की तैयारी चल रही है। हिमाचल में पिछले अगस्त महीने ने विशेष पथकर और टोकन टैक्स माफ नहीं हुआ है।

एक साल में दोनों तरह का टैक्स करीब 45 करोड़ रूपये बनता है। संघ चाहता है कि सरकार इसे माफ करें और ऑपरेटरों को आर्थिक राहत के तौर पर प्रति बस दो लाख रूपये की वर्किंग कैपिटल जारी करें।यह एक तरह का आसान दर पर कर्जा है। इससे तय अवधि में ऑपरेटर वापस चुकाएंगे।

निजी बस ऑपरेटर संघ के महासचिव रमेश कमल का कहना है हमें उम्मीद है कि सरकार मंत्रिमंडल की बैठक में कोई न कोई रास्ता निकाल कर बड़ा फैसला करेगी। पंजाब ने टैक्स को दिसंबर महीने तक माफ कर रखा है। प्रदेश के कोरोना काल में बसें घाटे में चल रही हैं, इसकी भरपाई जरूरी है, नहीं तो ऑपरेटर आत्मदाह करेंगे।