फोरलेन पर कछियारी से रानीताल के बीच 40 से 60 स्पीड लिमिट रहेगी, टनल व ब्लैक स्पॉट पर नियम और कड़े
शिमला-मटौर फोरलेन के कछियारी-भंगवार हिस्से पर वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा के लिए NHAI ने सख्त नियम बनाए हैं। इसमें ...और पढ़ें

शिमला-मटौर फोरलेन का कछियारी से रानीताल के बीच का भाग। जागरण
HighLights
कछियारी-रानीताल फोरलेन पर 40-60 किमी/घंटा की गति सीमा लागू।
ब्लैक स्पॉट पर राडार स्पीड डिस्प्ले साइनबोर्ड गति पर नजर रखेंगे।
टनल और मोड़ों पर ओवरटेकिंग प्रतिबंधित, लेन अनुशासन अनिवार्य होगा।
रितेश ग्रोवर, कांगड़ा। शिमला-मटौर फोरलेन के कछियारी-भंगवार हिस्से के उद्घाटन के साथ ही वाहन चालकों को सुखद यात्रा का अनुभव होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने यातायात को सुरक्षित और नियंत्रित रखने के लिए कई नियम और व्यवस्थाएं निर्धारित की हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर चालान भी किया जा सकता है। कांगड़ा-समेला राष्ट्रीय राजमार्ग पर अभी ऐसी व्यवस्था नहीं है, लेकिन नए फोरलेन पर चालकों को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
60 किलोमीटर की स्पीड तय
एनएचएआई ने कछियारी-रानीताल और रानीताल से आगे आधुनिक यातायात उपकरण स्थापित किए हैं। मटौर-शिमला फोरलेन परियोजना के तहत कछियारी-रानीताल खंड पर अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि कुछ स्थानों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा के बोर्ड लगाए गए हैं।
हाल ही में हिमाचल सरकार ने मैदानी और कुछ सीधे फोरलेन पैच पर गति सीमा 70 से 80 किमी प्रति घंटा करने की अनुमति दी है, लेकिन कछियारी-रानीताल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से 40 से 60 किमी प्रति घंटा की सीमा लागू रहेगी।
ब्लैक स्पॉट पर लगाए राडार स्पीड डिस्प्ले साइनबोर्ड
वाहनों की गति पर नजर रखने और ब्लैक स्पाट पर चालकों को सचेत करने के लिए राडार स्पीड डिस्प्ले साइनबोर्ड लगाए गए हैं। ये राडार से वाहन की लाइव गति मापकर एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित करते हैं। निर्धारित गति, जैसे 60 किमी प्रति घंटा से अधिक होने पर डिस्प्ले का रंग बदलता है, जिससे चालक को गति कम करने की चेतावनी मिलती है।
टनल और मोड़ पर ओवरटेकिंग प्रतिबंधित
फोरलेन पर तीखे मोड़ों और टनल के भीतर ओवरटेकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। भारी और धीमी गति वाले वाहनों को बायें लेन में चलना होगा, जबकि दायें लेन तेज गति वाली कारों और आपातकालीन वाहनों के लिए खाली रखा जाएगा। कछियारी से भंगवार के बीच कुछ पार्किंग जोन भी बनाए गए हैं।
ट्विन टनल में गति सीमा और कम
फोरलेन परियोजना की ट्विन टनल में गति सीमा और कम होगी। यहां हेडलाइट ऑन रखना और हार्न न बजाना अनिवार्य होगा। चालकों को सड़क किनारे लगे साइनबोर्ड पर विशेष ध्यान देना होगा। रात में भी फोरलेन रोशन रहेगा। एनएचएआइ ने कांगड़ा से नादौन तक सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें स्थापित की हैं, जिससे रात के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। पहले कांगड़ा से रानीताल तक स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं थी।
विभाग के निर्देशों के मुताबिक गति सीमा, स्पील डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी व अन्य तकनीकों का इस्तेमाल फोरलेन में किया गया है। इन्हें समय के अनुसार अपग्रेड किया जाएदा।
-कविराज, परियोजना निदेशक, फोरलेन निर्माण कंपनी गाबर।
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