शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Employees Association, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ में महाभारत शुरू हो गया है। विनोद गुट ने अश्वनी ठाकुर को सरकार द्वारा दी गई मान्यता पर सवाल उठाए हैं। शिमला में पत्रकारों से बातचीत में विनोद कुमार ने कहा कि उन्होंने सरकार को नोटिस थमाया है। यह नोटिस मुख्य सचिव और सचिव कार्मिक को दिया गया है। अगर 21 दिनों के अंदर सरकार ने मान्यता देने का फैसला नहीं बदला तो कर्मचारी सड़कों पर उतरेंगे। राज्य सचिवालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे और सरकार का घेराव होगा। उन्होंने दावा जताया है कि उनका संगठन ही असली और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हुआ संगठन है।

उन्होंने अश्वनी ठाकुर के सरकारी महासंघ पर कई तरह के सवाल खड़े किए उन्होंने महा संघ की मान्यता के बहाने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार क्षेत्र विशेष को तवज्जो दे रही है उन्होंने कहा कि मान्यता देने के सवाल पर प्रदेश के पौने तीन लाख कर्मचारी सरकार से अंदर खाते नाराज चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गुट पहले भी होते थे लेकिन सरकार सभी को साथ लेकर सर्वसम्मति बनाने की कोशिश करती थी। लेकिन अब की बारी ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगे जस की तस है उन्होंने आशंका जताई कि महासंघ को मान्यता देने के नाम पर नए वेतनमान आयोग की सिफारिशों को डिलिंक करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों को 11 फीसद महंगाई भत्ता तत्काल जारी किया जाए।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma