धर्मशाला, जागरण संवाददाता। HPBOSE Exam Pattern, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत हिमाचल प्रदेश में साल के दो बार परीक्षाएं आयोजित कर उसी के आधार पर परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया है। इसमें वर्ष में दो बार पेपर करवाने को लेकर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सिलेबस जारी कर दिया है। इसके तहत फर्स्‍ट टर्म में कुछ सिलेबस का 50 फीसद से पेपर आएगा, जबकि सेकेंड टर्म पर अगले 50 फीसद से पेपर आएगा। जो भाग फर्स्‍ट टर्म में कवर कर लिया जाएगा, उस भाग से प्रश्न सेकेंड टर्म में नहीं आएंगे।

वहीं शिक्षा बोर्ड ने नवंबर माह में होने वाली फर्स्‍ट टर्म परीक्षा से पूर्व छात्रों को इस बात का पता चल सके कि किस तरह का पेपर आएगा, इसके लिए बोर्ड ने आदर्श प्रश्नपत्र भी सभी विषयों की तैयार कर लिए हैं। मुख्य रूप से नाैवीं से जमा दो कक्षा तक के प्रश्नपत्र ही बोर्ड की ओर से तैयार करवाए गए हैं। आदर्श प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए हर विषय के दो अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई थी। अध्यापकों की पेपर सेट करने के लिए दो-दो दिनों का समय दिया था।

सभी शिक्षकों की ओर से प्रश्नपत्र बनकर आ जाने के बाद बोर्ड ने आदर्श प्रश्नपत्र को बोर्ड की वेबसाइट में अपलोड कर दिया है। यह प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम में की गई 30 फीसद कटौती के हिसाब से ही बनाए गए हैं। अब प्रदेश में विद्यार्थी बोर्ड की वेबसाइट में आदर्श प्रश्नपत्र डाउनलोड करके फर्स्‍ट टर्म परीक्षा का प्रारूप देखकर उसी के हिसाब से तैयारियां कर सकते हैं।

उधर स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डाक्‍टर सुरेश कुमार सोनी बताया छात्रों को हर टर्म में कम से कम 17-17 अंक लेना अनिवार्य होंगे, लेकिन अगर किसी बच्चे में फर्स्‍ट टर्म में 17 से कम अंक हैं तो सेकेंड टर्म में वह अधिक अंक लेकर अपने कुल 34 अंक बना सकता है और पास हो सकता है।

उन्होंने कहा कि नवंबर में फर्स्‍ट टर्म होने के बाद अप्रैल माह में अंत तक सेकेंड टर्म की परीक्षाएं बोर्ड संचालित करेगा। आदर्श प्रश्नपत्र बोर्ड वेबसाइट में अपलोड कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रश्नपत्र तैयार करने वाले शिक्षकों की विषयवार नाम भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह सीधे उनसे भी संपर्क कर सकता है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma